'अक्षर का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय पूरी तरह गलत', प्लेऑफ की राह हुई और भी कठिन।
मैदान पर दिल्ली की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर मात्र 155 रन ही बना सकी। यह स्कोर चेन्नई जैसी मजबूत बल्लेबाजी वाली टीम को रोकने के लिए काफी नहीं था। जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स ने मात्र 17.3 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर 159 रन बनाकर 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की। फिंच ने इस बात पर जोर दिया कि खेल में हार-जीत सामान्य है, लेकिन रणनीतिक स्तर पर बार-बार होने वाली गलतियां चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि यह जानते हुए भी कि पहले बल्लेबाजी करना टीम के पक्ष में नहीं रहा है, फिर से वही गलती दोहराना अक्षर पटेल के नेतृत्व कौशल पर सवाल खड़े करता है।
सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ करने वाली दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब प्लेऑफ की डगर बेहद मुश्किल नजर आ रही है। 10 मैचों में यह उनकी छठी हार थी और अब उन्हें न केवल अपने बाकी बचे सभी मैच जीतने होंगे, बल्कि बेहतर रन-रेट के लिए भी संघर्ष करना होगा। दिल्ली का अगला मुकाबला 8 मई को अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ होना है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम अपनी पिछली गलतियों से सबक लेकर मैदान पर उतरेगी, अन्यथा प्लेऑफ का सपना इस बार भी अधूरा रह सकता है। फिंच की यह टिप्पणी दिल्ली के खेमे के लिए एक खतरे की घंटी है, जिसे सुधारना अब अनिवार्य हो गया है।
