October 29, 2026

इंदौर के बेटमा में स्कूल की जमीन पर बाउंड्रीवॉल को लेकर बवाल, छात्राओं ने तोड़ी दीवार, करणी सेना ने उठाए सवाल

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मध्य प्रदेश । के इंदौर जिले के बेटमा में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की जमीन पर बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। निर्माण कार्य का विरोध करते हुए बड़ी संख्या में छात्राएं सड़क पर उतर आईं और प्रदर्शन किया। इसी दौरान आक्रोशित विद्यार्थियों ने मौके पर बनाई जा रही दीवार को तोड़ दिया। घटना के बाद स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई। विवाद का मुख्य मुद्दा विद्यालय की जमीन का स्वामित्व, भूमि से संबंधित दस्तावेज और बाउंड्रीवॉल निर्माण की वैधता है।

जानकारी के अनुसार, विद्यालय की जमीन पर बाउंड्रीवॉल बनाए जाने को लेकर छात्राओं ने आपत्ति जताई। विरोध प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने निर्माण कार्य के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसी बीच मौके पर बनाई जा रही दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस बात का स्पष्ट विवरण नहीं है कि निर्माण कार्य किस विभाग या व्यक्ति की ओर से कराया जा रहा था और विवादित भूमि का आधिकारिक स्वामित्व किसके नाम दर्ज है।

मामले में करणी सेना परिवार ने भी हस्तक्षेप किया है। संगठन ने देपालपुर के तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर स्कूल की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है। संगठन ने भूमि के स्वामित्व, नामांतरण की प्रक्रिया और बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि मामले में दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

करणी सेना परिवार का आरोप है कि विद्यालय के आसपास पहले से मौजूद बाउंड्रीवॉल की जमीन पर कथित रूप से कब्जा किए जाने के बाद अब नया निर्माण कराया जा रहा है। संगठन ने इस आरोप की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। हालांकि, जमीन पर कब्जे से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। ऐसे में भूमि के वास्तविक स्वामित्व और निर्माण की वैधता का निर्धारण संबंधित राजस्व रिकॉर्ड तथा प्रशासनिक जांच के आधार पर ही हो सकेगा।

संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से विवादित जमीन का सर्वे क्रमांक स्पष्ट करने की मांग की है। इसके साथ ही यह पता लगाने की बात कही गई है कि संबंधित भूमि का नामांतरण किसके पक्ष में किया गया और इसके लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ। करणी सेना परिवार ने नामांतरण की प्रक्रिया और उससे जुड़े अभिलेखों की जांच कराने पर जोर दिया है, ताकि भूमि के अधिकारों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

निर्माण कार्य की आधिकारिक अनुमति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठन चाहता है कि प्रशासन यह स्पष्ट करे कि बाउंड्रीवॉल बनाने की अनुमति किस प्राधिकरण ने दी और निर्माण के लिए कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। अनुमति और जमीन के स्वामित्व से संबंधित रिकॉर्ड सामने आने पर विवाद के अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल की जा सकेगी।

इस मामले में विद्यालय की संपत्ति और छात्राओं की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण विषय हैं। करणी सेना परिवार ने मांग की है कि स्कूल की जमीन से जुड़े विवाद का समाधान दस्तावेजों की जांच के आधार पर किया जाए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की जांच के निष्कर्ष, भूमि के स्वामित्व पर अंतिम निर्णय या निर्माण कार्य को लेकर किसी आधिकारिक आदेश का विवरण सामने नहीं आया है।

बेटमा में बाउंड्रीवॉल निर्माण के विरोध में हुआ प्रदर्शन और दीवार तोड़े जाने की घटना ने विद्यालय की जमीन से जुड़े विवाद को सामने ला दिया है। अब मामले में भूमि के रिकॉर्ड, नामांतरण और निर्माण की अनुमति की जांच की मांग उठी है। प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों की पड़ताल और तथ्यों की पुष्टि से ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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