March 9, 2026

उमंग सिंघार ने आदिवासी इलाकों से बढ़ते पलायन पर सरकार पर साधा निशाना, बोले- ये गंभीर मानवीय संकट है

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भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों से लगातार हो रहे पलायन को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार रोजगार, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन की तलाश में अपने ही राज्य से बाहर जाने को मजबूर हो रहे हैं। उनके अनुसार यह केवल आर्थिक समस्या नहीं बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान और अस्तित्व से जुड़ा गंभीर मानवीय संकट है।

सिंघार ने कहा कि सदियों से जल, जंगल और जमीन से जुड़े आदिवासी समुदाय आज अपने गांव और खेत छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने के लिए विवश हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का यह पलायन उनकी पहचान और सम्मान से जुड़ा एक गहरा सामाजिक संकट बनता जा रहा है।

भाजपा सरकार की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार

आदिवासियों के पलायन के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि वर्षों से सत्ता में रही सरकार दलित और आदिवासी समाज के मुद्दों पर केवल घोषणाएं और प्रचार तक सीमित रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी गौरव के नाम पर कार्यक्रम तो आयोजित किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आदिवासी परिवारों को रोजगार और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिसके कारण उन्हें प्रदेश छोड़कर जाना पड़ रहा है।

सरकार की नीतियों की विफलता का स्पष्ट संकेत

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की भी कमी बनी हुई है। उनका कहना है कि जब किसी प्रदेश के मूल निवासी ही अपनी जमीन और गांव छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएं, तो यह सरकार की नीतियों की विफलता का स्पष्ट संकेत है।

उल्लेखनीय है कि मध्‍य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों से हर वर्ष बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करते हैं। इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस ने राज्य सरकार पर आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया है।

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