उज्जैन में मंदिर की दान पेटी पर चोरों का हाथ साफ: तीन साल से जमा राशि चोरी, जीर्णोद्धार के लिए रखे गए थे पैसे
जानकारी के अनुसार गुरुवार देर रात बदमाश मंदिर परिसर में घुसे और दान पेटी को निशाना बनाया। शुक्रवार सुबह जब कॉलोनी के निवासी नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने दान पेटी का टूटा हुआ ताला और मंदिर परिसर में बिखरा सामान देखा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही चिमनगंज मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
स्थानीय निवासी युवराज सिंह पवार ने बताया कि मंदिर की दान पेटी पिछले लगभग तीन वर्षों से नहीं खोली गई थी। उनका कहना है कि मंदिर के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य के लिए दान राशि एकत्रित की जा रही थी। चूंकि मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए दान पेटी को बंद रखा गया था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि उसमें पर्याप्त मात्रा में नकदी जमा हो चुकी थी।
हालांकि दान पेटी में कितनी राशि मौजूद थी, इसका आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। पुलिस और मंदिर प्रबंधन इस संबंध में जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। जांच के दौरान दान पेटी की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चोरी की गई रकम का अनुमान लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
घटना के बाद कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। रहवासियों का कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थल को निशाना बनाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
