June 13, 2026

मजदूर के बेटे की गुहार पर दौड़े TI, आरक्षक ने किया रक्तदान-उज्जैन पुलिस ने बचाई महिला की जान

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मध्‍य प्रदेश। उज्जैन में पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की है। चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र में एक गंभीर रूप से बीमार महिला की जान समय रहते रक्त उपलब्ध होने से बच गई। पूरी घटना एक छात्र की भावुक गुहार से शुरू हुई, जिसने पुलिस को तुरंत हरकत में ला दिया।

इस्कॉन मंदिर के पीछे रहने वाले कक्षा 7वीं के छात्र सूरज भाटी ने अपनी मां सुनीता भाटी के लिए रक्त की मदद मांगते हुए सीधे चिमनगंज मंडी थाना प्रभारी विवेक कनोड़िया को फोन किया। सूरज ने बताया कि उसकी मां बिरला अस्पताल में भर्ती हैं और पिछले दो दिनों से परिवार रक्त की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।

परिवार की स्थिति बेहद कमजोर थी, क्योंकि सूरज के पिता का दो साल पहले निधन हो चुका है और उसकी मां घरेलू काम कर तीन बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। बच्चे की भावुक अपील सुनते ही थाना प्रभारी विवेक कनोड़िया तुरंत अस्पताल पहुंचे।

हालांकि, उन्होंने स्वयं रक्तदान करने का प्रयास किया, लेकिन स्वास्थ्य कारणों और ब्लड ग्रुप मेल न खाने के कारण वे रक्तदान नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने तत्काल अपने थाना स्टाफ के व्हाट्सएप ग्रुप में बी-पॉजिटिव रक्तदाता की आवश्यकता का संदेश साझा किया।

कुछ ही समय में आरक्षक जगदीश गेहलोत ने आगे बढ़कर रक्तदान के लिए सहमति दी और बिना देर किए पुष्पा मिशन अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। समय पर रक्त मिलने से सुनीता भाटी की हालत में सुधार हुआ और उनकी जान बच गई।

यह घटना न केवल पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि संकट के समय मानवता सबसे बड़ी ताकत होती है। उज्जैन पुलिस की इस पहल की हर ओर सराहना हो रही है।

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