April 24, 2026

MP में बेटियों के घर छोड़ने की कड़वी सच्चाई: 43% बालिकाएं सिर्फ गुस्से में छोड़ रहीं घर 18% ने चुना प्रेमी का साथ,

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भोपाल। मध्यप्रदेश में बालिकाओं के घर से अचानक गायब होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण कोई बाहरी साजिश नहीं बल्कि घर के भीतर का तनाव और संवादहीनता है। पुलिस मुख्यालय PHQ द्वारा जारी वर्ष 2025 की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि घर छोड़ने वाली 43 प्रतिशत बालिकाएं केवल पारिवारिक नाराजगी या गुस्से की वजह से अपनी दहलीज लांघ रही हैं।

पारिवारिक नाराजगी: सबसे बड़ा विलेन रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में पुलिस ने कुल 14,520 लापता बालिकाओं को सुरक्षित ढूंढ निकाला। जब इन बालिकाओं से घर छोड़ने की वजह पूछी गई तो उनमें से लगभग 6,243 43% ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे घर के माहौल से असंतुष्ट थीं या माता-पिता की किसी बात से नाराज होकर गुस्से में निकल गई थीं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि परिवारों में बढ़ता भावनात्मक तनाव और बच्चों के साथ बातचीत की कमी एक बड़ी सामाजिक समस्या बन रही है। प्रेम संबंध और आर्थिक तंगी भी बड़े कारण रिपोर्ट में अन्य कारणों का भी खुलासा हुआ है: प्रेम संबंध: करीब 18 प्रतिशत बालिकाओं ने स्वीकार किया कि वे अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर गई थीं। आर्थिक तंगी व अन्य: शेष मामलों में गरीबी आर्थिक अभाव पढ़ाई का दबाव और बेहतर भविष्य की तलाश जैसे सामाजिक कारण जिम्मेदार पाए गए।

पुलिस की सफलता और शेष चुनौतियां पिछले पांच वर्षों की तुलना में पुलिस ने वर्ष 2025 में सबसे बेहतरीन रिकवरी रेट दिखाया है। रिकॉर्ड 14,520 बालिकाओं को उनके परिवारों से मिलाया गया है। हालांकि चिंता का विषय यह है कि अभी भी 2,600 से अधिक बालिकाएं लापता हैं जिनकी तलाश में पुलिस की विभिन्न टीमें जुटी हुई हैं। विशेषज्ञों की राय मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि किशोरावस्था में बालिकाओं के मन में उठने वाले सवालों और उनके छोटे-मोटे विद्रोह को यदि माता-पिता धैर्य से नहीं संभालते तो वे चरम कदम उठा लेती हैं। पारिवारिक संवाद की कमी और छोटी-छोटी बातों पर अत्यधिक डांट-फटकार उन्हें घर से दूर जाने के लिए प्रेरित कर रही है।

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