June 7, 2026

31 हजार रुपए में अघोरी बनाने का ऑफर, तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को बना रहे शिकार

0
untitled-1780831339

मध्य प्रदेश । श्मशान, खोपड़ियां, काले वस्त्र और रहस्यमयी अनुष्ठानों के बीच ‘सिद्धि’ और ‘चमत्कार’ का ऐसा मायाजाल बुना जा रहा है, जिसमें लोगों के डर, लालच और अंधविश्वास को निशाना बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पैसों की बारिश, गड़ा हुआ धन खोज निकालने, दुश्मनों का नाश करने और खोया प्यार वापस दिलाने जैसे दावे किए जा रहे हैं। इन दावों के पीछे कथित तौर पर एक ऐसा नेटवर्क सक्रिय है, जो तंत्र-मंत्र और अघोरी साधना के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूल रहा है।

पड़ताल में सामने आया कि ‘अघोर गुरुदीक्षा’, ‘श्मशान साधना’ और ‘तंत्र सिद्धि’ जैसे नामों से बाकायदा कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इन कोर्सों के लिए हजारों से लेकर लाखों रुपए तक की फीस मांगी जाती है। दावा किया जाता है कि कुछ दिनों या महीनों की साधना के बाद व्यक्ति विशेष शक्तियां प्राप्त कर सकता है, जिससे धन प्राप्ति, गड़ा खजाना खोजने या अन्य मनोकामनाएं पूरी करने में सहायता मिलेगी।

जांच के दौरान सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो मिले, जिनमें कथित तांत्रिक साधना के दौरान नोटों की बारिश या जमीन से धन निकलने जैसे दृश्य दिखा रहे थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर संपर्क करने पर एक व्यक्ति ने खुद को अघोरी साधक बताते हुए विभिन्न प्रकार की साधनाएं सिखाने का दावा किया। बातचीत में उसने कहा कि पहले गुरुदीक्षा लेनी होगी, फिर गुरुमंत्र, गणेश साधना और कुलदेव साधना के बाद अन्य सिद्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। उसने यह भी दावा किया कि पैसों की बारिश जैसी सिद्धि हासिल करने के लिए लंबे समय तक साधना करनी पड़ती है।

हालांकि जब इन दावों की गहराई से जांच की गई तो कई बातें संदिग्ध मिलीं। कथित रूप से दिखाए गए कुछ वीडियो ऐसे मामलों से जुड़े पाए गए, जहां संबंधित व्यक्तियों पर पहले से ही धोखाधड़ी और ठगी के आरोप लग चुके थे। इसके बावजूद इन वीडियो का उपयोग नए लोगों को आकर्षित करने और विश्वास दिलाने के लिए किया जा रहा है।

पड़ताल में यह भी सामने आया कि कथित गुरुदीक्षा और तंत्र साधना के लिए तय शुल्क लिया जाता है। कुछ मामलों में रजिस्ट्रेशन फीस, आधार कार्ड की कॉपी और अग्रिम भुगतान की मांग की गई। यहां तक कि व्यक्तिगत मुलाकात के लिए भी हजारों रुपए मांगे गए। कई संस्थानों और व्यक्तियों द्वारा तंत्र साधना के पैकेज, ऑनलाइन प्रशिक्षण और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कथित रहस्यमयी ज्ञान देने के ऑफर भी दिए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नेटवर्क लोगों की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं। आर्थिक संकट, बीमारी, पारिवारिक समस्याएं या जल्दी सफलता पाने की इच्छा रखने वाले लोगों को चमत्कारिक दावों के जरिए प्रभावित किया जाता है। धीरे-धीरे उन्हें यह विश्वास दिलाया जाता है कि विशेष अनुष्ठान या साधना उनकी सभी समस्याओं का समाधान कर सकती है।

ज्योतिषाचार्य पंडित जयदीप दुबे के अनुसार वास्तविक ज्योतिष और तंत्र विद्या का इस प्रकार के चमत्कारिक दावों से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि कुछ लोग धर्म, तंत्र और आध्यात्मिकता की आड़ में लोगों के डर और लालच का फायदा उठाकर आर्थिक शोषण कर रहे हैं। ऐसे दावों का कोई वैज्ञानिक या प्रमाणित आधार नहीं है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले ऐसे वीडियो और दावों से सावधान रहना चाहिए। किसी भी चमत्कारिक दावे पर विश्वास करने से पहले तथ्यों की जांच करना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। जागरूकता ही ऐसे कथित तांत्रिकों और ठगी के जाल से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *