March 8, 2026

मिलावटी शराब पर सख्ती: जबलपुर, भोपाल और इंदौर में खुलेंगी अत्याधुनिक जांच प्रयोगशालाएं

0
16-1771756659

मध्य प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत मिलावटी और नकली शराब पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों -जबलपुर, भोपाल और इंदौर- में शराब के सैंपलों की जांच के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य शराब की गुणवत्ता की निगरानी को अधिक सख्त, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

अब तक प्रदेश में शराब की जांच की सुविधा सीमित स्थानों तक ही उपलब्ध थी। कई मामलों में सैंपलों को जांच के लिए दूसरे शहरों में भेजना पड़ता था, जिससे रिपोर्ट आने में देरी होती थी और सैंपलों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जांच प्रक्रिया तेज होगी और रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

आबकारी विभाग इन प्रयोगशालाओं के संचालन की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में रखेगा। विभाग जल्द ही उपयुक्त स्थानों का चयन करेगा और वहां आधुनिक उपकरणों से लैस लैब स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से शराब की शुद्धता, अल्कोहल की मात्रा, रासायनिक संरचना और निर्धारित मानकों के अनुरूपता की बारीकी से जांच की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि बाजार में बिकने वाली मदिरा गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।

राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से मिलावटी, नकली और अवैध शराब के निर्माण तथा बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। हाल के वर्षों में प्रदेश के कई हिस्सों में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों ने प्रशासन को गंभीरता से सोचने पर मजबूर किया था। ऐसी घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि गुणवत्ता नियंत्रण की मजबूत व्यवस्था समय की मांग है। नई प्रयोगशालाएं संदिग्ध सैंपलों की तुरंत जांच कर दोषी उत्पादों को बाजार से हटाने में सहायक होंगी, जिससे जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

इस फैसले का एक अहम पहलू राजस्व वृद्धि से भी जुड़ा है। जब अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी और बाजार में केवल मानक के अनुरूप उत्पाद ही उपलब्ध होंगे, तो सरकारी राजस्व में स्वाभाविक रूप से बढ़ोतरी होगी। साथ ही वैध निर्माताओं को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि नकली और सस्ती अवैध शराब से होने वाली अनुचित प्रतिस्पर्धा कम होगी।

नई आबकारी नीति में प्रदेश में निर्मित शराब के देश और विदेश में प्रचार-प्रसार का भी प्रावधान किया गया है। विशेष आयोजनों और प्रदर्शनियों में स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित कर ब्रांड वैल्यू बढ़ाने की योजना बनाई गई है। यह पहल मिलावटी शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा और राजस्व वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *