मध्य प्रदेश में बैंक कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल, तीन दिन प्रभावित रहेगा कामकाज; नकदी, चेक क्लीयरेंस और लोन सेवाएं
इस दौरान नकदी से जुड़े लेन-देन, चेक क्लीयरेंस, लोन से संबंधित कार्य और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। बैंक कर्मचारियों के संगठनों ने लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि इन मांगों पर अपेक्षित स्तर पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन कामकाज लागू करना शामिल है। कर्मचारी चाहते हैं कि शनिवार और रविवार को अवकाश रखते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू की जाए। इसके अलावा पेंशन के अपडेट और उसमें जरूरी सुधार की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
कर्मचारियों की एक अन्य मांग महंगाई भत्ते यानी DA की समान गणना से जुड़ी है। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना यानी OPS का विकल्प दिए जाने की मांग भी उठाई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि इन मुद्दों पर लंबे समय से उनकी ओर से मांग रखी जा रही है।
हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारी शिवांगी राय खरे ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके अनुसार, लगातार मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
बैंक कर्मचारी संजय खरे ने भी सरकार और बैंक प्रबंधन से कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि कर्मचारियों की ओर से उठाई जा रही मांगों पर जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
तीन दिनों तक बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहने के कारण बैंक ग्राहकों को अपनी जरूरतों के लिए एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है। हालांकि, हड़ताल का मुख्य असर बैंक शाखाओं में होने वाले नियमित कामकाज पर पड़ रहा है।
जबलपुर सहित प्रदेश में बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के कारण शाखाओं में होने वाले कई जरूरी काम प्रभावित होने की स्थिति है। नकदी लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और लोन से जुड़े कामों के साथ अन्य बैंकिंग गतिविधियों पर भी हड़ताल का असर पड़ रहा है।
बैंक कर्मचारियों का यह आंदोलन उनकी लंबित मांगों को लेकर है। कर्मचारी संगठनों की ओर से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, पेंशन अपडेट, महंगाई भत्ते की समान गणना और पुरानी पेंशन योजना का विकल्प दिए जाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए हैं।
शुक्रवार से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय बैंक बंदी का दौर रविवार तक जारी रहेगा। लगातार तीन दिन बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित होने से बैंक ग्राहकों को अपने जरूरी कामों की योजना उसी के अनुसार बनानी होगी। कर्मचारियों ने सरकार और प्रबंधन से उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला लेने की मांग की है।
