खेत से घर लौट रहा किसान आग की चपेट में आया, बिजली के तारों से सुलगी मक्के की करप, लाखों के नुकसान की आशंका
जानकारी के अनुसार किसान मोहन सिंह कुशवाह अपने खेत से मक्के की करप ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर घर लौट रहे थे। रास्ते में बिजली के खंभों पर लटके पंप लाइन के तार ट्रॉली में भरी करप से टकरा गए। तारों के संपर्क में आते ही सूखी फसल ने आग पकड़ ली। कुछ ही देर में ट्रॉली में भरी करप जलने लगी। अचानक आग भड़कने से मौके पर अफरा तफरी मच गई। किसान के सामने एक ओर उसकी मेहनत से जुटाई गई फसल जलने का खतरा था तो दूसरी ओर आग के ट्रैक्टर तक पहुंचने की आशंका भी बनी हुई थी।
घटना के दौरान आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्होंने लाठियों की मदद से ट्रॉली में जल रही करप को नीचे गिराना शुरू किया। ग्रामीणों ने तेजी से एक के बाद एक जलती हुई फसल को नीचे गिराया ताकि आग ट्रैक्टर और ट्रॉली के दूसरे हिस्सों तक न फैल सके। उनकी तत्परता से आग को वाहन तक पहुंचने से रोकने में मदद मिली। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉली जलने से बच गए और चालक भी सुरक्षित रहा। यदि आग वाहन तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हालांकि इस प्रयास के बावजूद किसान की मक्के की पूरी करप जलकर राख हो गई। फसल के नष्ट होने से किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। मक्के की करप पशुओं के चारे सहित खेती से जुड़े अन्य कामों में उपयोग की जाती है। ऐसे में पूरी करप का जल जाना किसान के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है। नुकसान की वास्तविक कीमत कितनी है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटना ने गांवों में खेतों से फसल और चारा ले जाते समय बिजली की लाइनों से होने वाले खतरे को भी उजागर किया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में ऊंचाई तक भरी सूखी फसल बिजली के तारों के संपर्क में आ जाए तो आग लगने का जोखिम बढ़ जाता है। खासकर पंप लाइन के तार यदि नीचे लटक रहे हों तो किसानों और ग्रामीणों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में बिजली लाइनों की उचित ऊंचाई और रखरखाव पर ध्यान देना जरूरी है। फिलहाल इस हादसे में राहत की बात यह रही कि किसान की जान बच गई और ट्रैक्टर-ट्रॉली सुरक्षित रहे लेकिन उसकी पूरी मक्के की करप जलने से बड़ा नुकसान हुआ।
