सेंधवा में बड़ा आरोप-प्रत्यारोप: विधायक ने लगाया वसूली का आरोप, जिला पंचायत CEO ने बताया बेबुनियाद
विधायक ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिवों को निलंबन की धमकी देकर उनसे अवैध वसूली की जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक दौरे और बैठकों की जानकारी उन्हें नहीं दी जाती, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
पानी, सड़क और विकास कार्यों पर भी उठाए सवाल
ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए विधायक ने क्षेत्र में पीने के पानी, खराब सड़कों और पुलियों की स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी विकास कार्यों की बजाय वसूली और मनमानी में लगे हुए हैं, जिससे जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
सीईओ का पलटवार: आरोप पूरी तरह निराधार
जिला पंचायत सीईओ काजल जावला ने विधायक के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि ग्राम पाड़छा में आयोजित गंगा दशहरा के शासकीय कार्यक्रम में विधायक को विधिवत आमंत्रित किया गया था, लेकिन सभी कार्यक्रमों में हर जनप्रतिनिधि की मौजूदगी संभव नहीं होती।
सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि जिला पंचायत का प्रभार उनके पास है, इसलिए वे नियमित रूप से समीक्षा बैठकें और पंचायतों का निरीक्षण करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि बैठकों के लिए किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं होती।
निलंबित सचिव का मामला भी जुड़ा
सीईओ ने बताया कि संबंधित पंचायत में एक सचिव को जल गंगा अभियान के तहत कार्य में अनियमितता के कारण निलंबित किया गया है। आरोप है कि बिना कार्य पूर्ण किए भुगतान प्रमाणित किया गया था, जिसके चलते सरपंच और जीआरएस को भी नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इसी कार्रवाई के कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ है।
