इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर सियासी घमासान, मंच पर बुलाए गए छात्रों की पृष्ठभूमि पर भाजपा ने उठाए सवाल
भाजपा का आरोप है कि कार्यक्रम में सामान्य छात्रों के रूप में जिन युवाओं को मंच पर संवाद के लिए बुलाया गया, उनमें कुछ कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी या कार्यकर्ता रहे हैं। भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर कुछ पुराने दस्तावेजों और तस्वीरों का हवाला देते हुए दावा किया कि मंच पर मौजूद युवाओं की राजनीतिक संबद्धता पहले से सामने रही है। पार्टी ने इसे कार्यक्रम की विश्वसनीयता से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।
कार्यक्रम में तीन नाम विशेष रूप से चर्चा में आए हैं। इनमें तनय शर्मा, राधा मालवीय और रणजीत किसानवंशी शामिल हैं। भाजपा की ओर से दावा किया गया है कि तनय शर्मा कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के प्रवक्ता हैं। पार्टी नेताओं ने उनके राजनीतिक पद से संबंधित जानकारी को सार्वजनिक करते हुए सवाल उठाया कि यदि वे कांग्रेस की छात्र राजनीति से जुड़े हैं तो उन्हें सामान्य परीक्षार्थी के तौर पर मंच पर क्यों बुलाया गया।
इसी तरह भाजपा ने राधा मालवीय को लेकर भी दावा किया है कि वह निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य होने के साथ युवा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। भाजपा नेताओं ने उनकी राजनीतिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी और मंच पर संवाद को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
तीसरे नाम के तौर पर रणजीत किसानवंशी का उल्लेख किया गया है। भाजपा ने उन्हें कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता बताया है। इसके समर्थन में पार्टी नेताओं ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ उनकी पुरानी तस्वीरों का हवाला दिया है। भाजपा का कहना है कि इन तस्वीरों और राजनीतिक गतिविधियों से उनकी कांग्रेस से संबद्धता का संकेत मिलता है।
भाजपा नेताओं ने पूरे मामले को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उनका आरोप है कि युवाओं की समस्याओं पर सीधे संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम में पार्टी से जुड़े लोगों को छात्रों के रूप में मंच पर प्रस्तुत किया गया और उनसे पहले से तय तरीके से बातचीत कराई गई।
भाजपा प्रवक्ताओं ने आरोपों के आधार पर कार्यक्रम की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि मंच पर मौजूद लोगों की राजनीतिक पहचान पहले से कांग्रेस से जुड़ी थी, तो कार्यक्रम में उन्हें सामान्य छात्रों के रूप में प्रस्तुत करने का उद्देश्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों पर खबर लिखे जाने तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया था। ऐसे में मंच पर आए तीनों युवाओं की भूमिका और कार्यक्रम में उनके चयन को लेकर लगाए गए राजनीतिक दावों पर कांग्रेस का पक्ष सामने आना बाकी है। विवाद के बाद इंदौर के इस आयोजन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
