September 10, 2026

इंदौर में 11 सितंबर से यात्री परिवहन विजन समिट, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर करेंगे मंथन

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मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इस समिट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम 11 और 12 सितंबर को आयोजित होगा। इसमें परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी शामिल होंगे।

समिट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर रहेगा। इसके जरिए प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को नई तकनीक, जन-निजी भागीदारी और हरित ऊर्जा से जोड़ने पर चर्चा होगी। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से PPP मॉडल, आधुनिक आईटी प्रणालियों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को आगे बढ़ाने की योजना पर विचार किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडस्ट्री-एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। इसमें बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगम अपनी गतिविधियों तथा नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे। समिट की स्मारिका का विमोचन भी किया जाएगा।

इसके अलावा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की संरचना और भविष्य में प्रस्तावित कार्यों पर आधारित विशेष पुस्तिका जारी की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के जरिए चुने गए MPYPIL के नए लोगो का अनावरण भी मुख्यमंत्री करेंगे। मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हैकाथॉन का शुभारंभ भी कार्यक्रम में होगा।

समिट में देश के विभिन्न हिस्सों से परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, राज्य परिवहन उपक्रमों के प्रतिनिधि, आईटी कंपनियां और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल होंगे। इन सभी के बीच प्रदेश की सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को सरल, सुगम, सुरक्षित, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर चर्चा होगी और सुझाव लिए जाएंगे।

दो दिनों के कार्यक्रम में कुल आठ सत्र रखे गए हैं। इनमें मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 के तहत बस संचालन और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम में PPP मॉडल को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। बस टर्मिनल, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं में निवेश आकर्षित करने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा।

एक सत्र सार्वजनिक बस संचालन को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित रहेगा। इसमें किराए पर निर्भरता कम करने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण और विज्ञापन, खुदरा, लॉजिस्टिक्स तथा नामकरण अधिकार जैसे गैर-किराया राजस्व के विकल्पों पर मंथन होगा।

रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के उपयोग पर भी चर्चा होगी। इसमें पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान शामिल हैं।

यात्री सुरक्षा, विश्वसनीयता और सुविधा से जुड़े विषयों में CCTV निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, वाहन रखरखाव, वास्तविक समय यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण पर विचार होगा। वहीं AI और रीयल-टाइम डेटा के जरिए बस मार्गों और शेड्यूलिंग को बेहतर बनाने पर भी विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

हरित मोबिलिटी के तहत इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग एवं रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली पर विचार होगा। अंतिम सत्र में एकीकृत टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, ओपन-लूप भुगतान और MaaS प्लेटफॉर्म के जरिए निर्बाध यात्रा अनुभव पर मंथन किया जाएगा।

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