August 18, 2026

स्वच्छता के बाद अब अंगदान में भी देश का सिरमौर बना इंदौर 26वीं बार ग्रीन कॉरिडोर से पहुंचा धड़कता दिल

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इंदौर । इंदौर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यह शहर केवल स्वच्छता के लिए ही नहीं बल्कि संवेदनशीलता और मानवता के लिए भी पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना चुका है। ब्रेन डेड डोनर गौरव दवे के परिवार ने कठिन समय में ऐसा निर्णय लिया जिसने कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा दी। गौरव का हृदय ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से अहमदाबाद भेजा गया जहां जरूरतमंद मरीज को नया जीवन देने के लिए उसका प्रत्यारोपण किया जाएगा। इसके साथ ही इंदौर से 26वीं बार किसी ब्रेन डेड डोनर का हृदय दूसरे शहर भेजा गया है।

अंगदान केवल एक चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा मानी जाती है। किसी परिवार के लिए अपने प्रियजन को खोने का दुख असहनीय होता है लेकिन उसी कठिन घड़ी में लिया गया अंगदान का निर्णय कई अन्य परिवारों की खुशियां वापस लौटा सकता है। यही कारण है कि अंगदान को महादान कहा जाता है। एक ब्रेन डेड व्यक्ति के हृदय लिवर किडनी कॉर्निया और अन्य अंग कई मरीजों को नया जीवन दे सकते हैं।

इंदौर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान अंगदान को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां ब्रेन डेथ और अंगदान को लेकर लोगों में संकोच और भ्रम रहता था वहीं अब जागरूकता लगातार बढ़ रही है। परिवार स्वयं आगे आकर अंगदान के लिए सहमति दे रहे हैं जिससे कई गंभीर मरीजों को जीवनदान मिल रहा है।

अंगदान की इस पूरी प्रक्रिया में ग्रीन कॉरिडोर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जैसे ही अंगदान की स्वीकृति मिलती है प्रशासन पुलिस और चिकित्सा संस्थानों की टीम समय के खिलाफ दौड़ शुरू कर देती है। विशेष यातायात व्यवस्था बनाकर अंगों को कम से कम समय में दूसरे शहर के अस्पताल तक पहुंचाया जाता है ताकि प्रत्यारोपण सफल हो सके। हर बार सायरन की आवाज और खाली सड़कों के बीच दौड़ता एंबुलेंस केवल एक वाहन नहीं बल्कि किसी की नई जिंदगी की उम्मीद लेकर आगे बढ़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर हार्ट ट्रांसप्लांट केवल एक मेडिकल ऑपरेशन नहीं बल्कि दो परिवारों की भावनाओं से जुड़ी कहानी होती है। एक ओर जहां एक परिवार अपने प्रियजन को अंतिम विदाई देता है वहीं दूसरी ओर वही धड़कन किसी दूसरे व्यक्ति के शरीर में जीवन की नई शुरुआत बन जाती है। यही अंगदान की सबसे बड़ी शक्ति है जो मृत्यु के बाद भी जीवन का संदेश देती है।

अंगदान के क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेषज्ञों के अनुसार इंदौर ने वर्ष 2015 से अब तक 26 सफल हार्ट डोनेशन किए हैं। इन सभी मामलों में पुरुष और महिला दोनों प्रकार के डोनर शामिल रहे हैं। हर सफल अंगदान यह संदेश देता है कि समाज में जागरूकता बढ़ रही है और लोग मानवता के इस सबसे बड़े कार्य को समझने लगे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में आज भी ऐसे हजारों मरीज हैं जो केवल अंग उपलब्ध नहीं होने के कारण जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। यदि अधिक से अधिक लोग अंगदान के प्रति जागरूक होंगे तो अनेक परिवारों को नई जिंदगी मिल सकेगी। इंदौर ने लगातार सफल अंगदान के माध्यम से पूरे देश को यह संदेश दिया है कि इंसान की सबसे बड़ी विरासत उसकी संपत्ति नहीं बल्कि वह जीवन है जो वह अपने जाने के बाद भी किसी दूसरे को दे सकता है। यही भावना इंदौर को स्वच्छता के साथ साथ संवेदनाओं और मानवता की राजधानी भी बना रही है।

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