निवाड़ी में जैन समाज का विरोध प्रदर्शन, संतों की सुरक्षा को लेकर मांग तेज
जैन समाज के लोग एसपी कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर घटना की निष्पक्ष जांच और संतों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान समाजजनों ने कहा कि रीवा की घटना केवल एक सामान्य सड़क हादसा नहीं मानी जा सकती और इसकी गहराई से जांच जरूरी है।
ज्ञापन में 20 मई को हुई घटना की SIT अथवा न्यायिक जांच कराने की मांग की गई। समाज के प्रतिनिधियों का कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने की मांग भी उठाई। समाज ने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों पर संतों के पद विहार के दौरान विशेष ट्रैफिक व्यवस्था और “सुरक्षित कॉरिडोर” बनाए जाएं, जिससे पैदल विहार करने वाले संतों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इसके अलावा समाज ने संतों के आहार, यात्रा और विहार के दौरान प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि जैन संत पूरी तरह अहिंसक, निहत्थे और तपस्वी जीवन जीते हैं, इसलिए उनके खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाना चाहिए।
जैन समाज ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संतों की सुरक्षा को लेकर जल्द प्रभावी और ठोस नीति नहीं बनाई गई, तो आने वाले समय में देशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे और पूरे आयोजन में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया गया।
