September 5, 2026

एमपी में बारिश के बीच NDRF-SDRF तैनात, अचानक बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

0
19-1788604371
मध्य प्रदेश: में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन और राहत व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों बारिश दर्ज की जा रही है। पश्चिमी मध्य प्रदेश को छोड़कर कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में संभावित जलभराव, अचानक बाढ़ और अन्य आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए राहत एवं बचाव व्यवस्था पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावित लोगों तक राहत और सहायता तेजी से पहुंचाई जा सके।

सरकार के अनुसार, पिछले एक महीने के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़ी राहत और बचाव टीमों ने 2,783 से अधिक लोगों को विभिन्न परिस्थितियों में सुरक्षित बाहर निकाला है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में जलस्तर बढ़ने और आवागमन प्रभावित होने जैसी स्थितियां बनी हैं। ऐसे में राहत दलों को जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अब तक बारिश के कारण प्रदेश में जान-माल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य में पुलिस और संबंधित टीमों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। उनका जोर इस बात पर रहा कि मौसम की स्थिति अचानक बदलने पर प्रशासन के पास तत्काल प्रतिक्रिया देने की क्षमता बनी रहे।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो से चार दिनों के दौरान किसी बड़ी परेशानी की आशंका नहीं बताई गई है। इसके बावजूद सरकार ने एहतियाती स्तर पर तैयारियों को मजबूत रखने का फैसला किया है। खासतौर पर निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और ऐसे स्थानों पर निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है, जहां अचानक पानी बढ़ने की संभावना रहती है।

NDRF और SDRF की टीमें जरूरत के अनुसार राहत और बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रखने का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। प्रशासन की ओर से स्थानीय स्तर पर भी संसाधनों और राहत व्यवस्थाओं को तैयार रखने पर जोर दिया गया है।

बारिश के दौरान नदी-नालों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय है। जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में लोगों को समय पर चेतावनी देने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली आकस्मिक परिस्थितियों को देखते हुए राहत दलों को सक्रिय रखा गया है। मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद प्रशासनिक मशीनरी को मौसम से जुड़े बदलावों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

राज्य में मानसून के दौरान हर वर्ष अलग-अलग क्षेत्रों में अतिवृष्टि, जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियां सामने आती हैं। ऐसे में पहले से की गई तैयारी नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभाती है। इसी उद्देश्य से सरकार ने राहत एवं बचाव दलों की तैनाती, अधिकारियों के समन्वय और स्थानीय स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बारिश के दौरान लोगों की सुरक्षा बनाए रखना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाना है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *