नरसिंहपुर में राजस्व न्यायालयों पर सवाल, वकीलों ने उठाई आवाज
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि राजस्व न्यायालयों में न केवल मामलों के निपटारे में देरी हो रही है, बल्कि कई बार उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार भी नहीं किया जाता, जिससे न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।
लंबित मामलों और ऑनलाइन प्रक्रिया पर उठे सवाल
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि राजस्व न्यायालयों में मामलों का समय पर पंजीयन और निपटारा नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि कई मामलों को केवल पोर्टल पर लंबित न दिखाने के उद्देश्य से ऑनलाइन डिस्पोज कर दिया जाता है, जबकि वास्तविक सुनवाई ऑफलाइन जारी रहती है। इसके साथ ही, बिना उचित प्रक्रिया के मामलों को खारिज करने और अपंजीकृत प्रकरणों के संचालन को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
नियमित अधिकारी और समयबद्ध न्यायालय कार्य की मांग
अधिवक्ताओं ने मांग की कि नरसिंहपुर जिले में नियमित अपर कलेक्टर की तत्काल नियुक्ति की जाए। वर्तमान में जिला पंचायत सीईओ को अपर कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जिससे न्यायालयीन कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि अपर कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई के लिए निश्चित दिन और समय तय किया जाए ताकि वकीलों और पक्षकारों को अनावश्यक परेशानी न हो।
कर्मचारियों पर कार्रवाई और पारदर्शिता की मांग
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि न्यायालय में लंबे समय से पदस्थ कर्मचारियों को हटाया जाए, ऑनलाइन और ऑफलाइन मामलों की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र पंजीयन और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि आम नागरिकों को न्याय में देरी न हो।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
अधिवक्ताओं ने प्रशासन से इस पूरे मामले में गंभीरता से संज्ञान लेने और जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
