June 8, 2026

देश की सबसे लंबी वाटर टनल 98% पूरी, विंध्य में नर्मदा जल पहुंचाने का सपना अंतिम चरण में

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मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक जल परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। विंध्य क्षेत्र तक नर्मदा जल पहुंचाने की 17 साल पुरानी महत्वाकांक्षी योजना अब लगभग पूरी होने वाली है। कटनी जिले के स्लीमनाबाद में बन रही 11.95 किलोमीटर लंबी देश की सबसे बड़ी वाटर टनल अब 98 प्रतिशत तक तैयार हो चुकी है, और केवल 108 मीटर की खुदाई बाकी रह गई है।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद बरगी बांध से पानी पहली बार सीधे रीवा, सतना, मैहर और पन्ना जिलों तक पहुंचेगा, जिससे करीब 1.85 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही कटनी जिले को पीने के पानी की बड़ी राहत भी मिलेगी।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना पिछले 17 वर्षों से कई तकनीकी और प्राकृतिक चुनौतियों से जूझती रही है। कभी खुदाई के दौरान चट्टानी परतें और बड़े बोल्डर सामने आए, तो कभी मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। कई बार मीथेन गैस के रिसाव और भूजल के तेज प्रवाह ने काम को रोक दिया।

परियोजना के दौरान करोड़ों रुपये के टनल कटर भी बदलने पड़े, और करीब 100 करोड़ रुपये की अमेरिकी मशीन भी इस कठिन भूगर्भीय स्थिति में सफल नहीं हो सकी। कुल मिलाकर यह परियोजना भारत की सबसे जटिल जल सुरंग परियोजनाओं में गिनी जा रही है।

फिलहाल अंतिम चरण में एक जर्मन टनल बोरिंग मशीन (TBM) लगातार 100 मीटर से ज्यादा हिस्से की खुदाई कर रही है। यह मशीन सुरंग को अंतिम आकार देने का काम भी कर रही है। अत्यधिक तापमान और नमी के कारण यहां काम करने वाले तकनीशियन केवल सीमित समय तक ही कार्य कर पा रहे हैं, और उनकी लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है।

सुरंग के भीतर काम की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। अंदर करीब तीन फीट पानी के बीच लोको ट्रेन केवल 3–4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल पाती है। हर दिन हजारों लीटर भूजल को निकालने के लिए पांच डीवाटरिंग स्टेशन लगातार काम कर रहे हैं।

टनल का व्यास 10.14 मीटर है, जो किसी तीन मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर है। सुरक्षा के लिए M-50 ग्रेड सीमेंट से बने भारी कंक्रीट रिंग्स का उपयोग किया गया है, जिनका वजन लगभग 1420 किलो है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना 30 जून 2026 तक पूरी होने की संभावना है। इसके बाद विंध्य क्षेत्र में कृषि उत्पादन और जल उपलब्धता में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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