MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव
प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर जबलपुर डिंडौरी सतना मऊगंज मैहर उमरिया अनूपपुर पन्ना दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।
बारिश के इस दौर के बीच बांधों और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी है। मंडला डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बरगी बांध के गेट इस साल पहली बार खोले जाने की तैयारी है। 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोलकर करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। 17 अगस्त की रात बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था जबकि पानी की आवक करीब 1620 क्यूमेक बताई गई।
उमरिया में भी जोहिला डैम के दो गेट एक एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में नदी नालों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में परेशानी पैदा हो सकती है।
हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण अभी भी एक समान नहीं है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में अब तक औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में बारिश की कमी 4 से 58 प्रतिशत तक बताई गई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। दूसरी तरफ अनूपपुर शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भिंड भोपाल बुरहानपुर देवास ग्वालियर खंडवा खरगोन राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी स्तर पर दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार 17 से 21 अगस्त के दौरान मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी।
ऐसे में अगले तीन दिन प्रदेश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जा सकती है। खासकर नदी नालों और जलाशयों के आसपास जाने से बचना जरूरी है क्योंकि लगातार बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
