March 8, 2026

MP: सतना में नवनिर्मित सड़क को मंत्री ने जूते से रगड़ा तो उखड़ गई डामर… रद्द किया टेंडर

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सतना।
मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में PWD के भ्रष्टाचार की पोल उस वक्त खुल गई है, जब नवनिर्मित डामर की सड़क (Newly Constructed Road) प्रदेश की राज्यमंत्री के पैरों की मार/चोट भी नहीं सह सकी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी (Pratima Bagri) ने जब नवनिर्मित डामर की सड़क पर अपना पैर रगड़ा, तो डामर उखड़कर बिखर गया। सड़क की यह दुर्दशा देख मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर ही PWD के कार्यपालन यंत्री की क्लास लगा दी और ठेकेदार राजेश कैला का टेंडर तत्काल निरस्त करने का फरमान सुना दिया है।


सड़क पर पैर रगड़ते ही उखड़ गया डामर

दरअसल मामला कोठी तहसील के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का है। यहाँ लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। रविवार शाम जब मंत्री प्रतिमा बागरी नैना कोठी क्षेत्र से गुजर रही थीं, तो चमचमाती नई सड़क देख उन्होंने काफिला रुकवा दिया। मंत्री गाड़ी से उतरीं और गुणवत्ता परखने के लिए सड़क पर पैर रखा। हल्की सी रगड़ लगते ही डामर की परत उखड़कर अलग हो गई। यह देख मंत्री ने अफसरों से पूछा शर्म आनी चाहिए! जो सड़क मेरे पैर रखने भर से खिसक रही है, वो भारी वाहनों का बोझ कैसे सहेगी? यह निर्माण नहीं, शुद्ध लीपापोती है।


मॉनिटरिंग करने वाले सो रहे थे क्या?

निरीक्षण के दौरान यह साफ हो गया कि पूरी सड़क मानकों के विपरीत बनी है। मंत्री ने मौके पर है फोन पर अफसरों से तीखे सवाल किए है। आपकी निगरानी में ऐसा घटिया काम कैसे हुआ?”जिन सब-इंजीनियर्स (Sub-Engineers) की ड्यूटी मॉनिटरिंग पर थी, वे कहां थे?”मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी पैसे की बर्बादी और गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राज्यमंत्री ने सिर्फ फटकार नहीं लगाई, बल्कि स्पष्ट अल्टीमेटम भी दिया। उन्होंने मीडिया को बताया की संविदाकार राजेश कैला का अनुबंध तुरंत निरस्त करने के निर्देश दिए है। जिस इंजीनियर ने आंखें मूंदकर यह सड़क बनने दी और निरीक्षण नहीं किया, उस पर विभागीय कार्रवाई हो। मंत्री ने दो टूक कहा, मैंने EE को निर्देश दिए हैं। यदि वे ठेकेदार और दोषी इंजीनियर पर कार्रवाई नहीं करते, तो मैं PWD मंत्री से आग्रह करूँगी कि सीधे EE के विरुद्ध ही कार्रवाई की जाए। मंत्री के इस औचक निरीक्षण और ‘ऑन द स्पॉट’ फैसले से जिले के निर्माण विभागों और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।

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