मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग में बंपर भर्ती का ऐलान, 20 हजार पदों पर होगी नियुक्ति, आदिवासी क्षेत्रों में बनेंगे 200 नए स्कूल भवन
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार अब तक 85 हजार नियुक्तियां कर चुकी है और आने वाले समय में स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर और भर्ती की जाएगी। इस घोषणा से उन युवाओं की उम्मीदें बढ़ी हैं जो शिक्षक और शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य सरकारी पदों पर नौकरी पाने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल पदों में शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए कितनी रिक्तियां होंगी। भर्ती का विज्ञापन कब जारी होगा और चयन परीक्षा या अन्य प्रक्रिया किस तरह पूरी की जाएगी इसकी जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा के बजट में हुई बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2003 से पहले स्कूल शिक्षा विभाग का बजट करीब 400 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। सरकार स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाने के साथ शैक्षणिक माहौल मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में सांदीपनि विद्यालयों के विस्तार की योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं और अब 200 नए विद्यालय खोलने की पहल की जा रही है। इन स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
शिक्षा सुविधाओं के विस्तार में जनजातीय क्षेत्रों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इन इलाकों में 200 नए विद्यालय भवन बनाए जाने की योजना है। नए भवन बनने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा और स्कूलों की बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। हालांकि इन भवनों का निर्माण किन जिलों में होगा और काम कब तक पूरा किया जाएगा इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। योजना के क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी आगे जारी होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 950 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश भी सौंपे। इनमें 661 सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि पहले अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में कई बार वर्षों लग जाते थे लेकिन अब इसमें तेजी लाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पदोन्नति के कारण खाली हुए पदों पर नियुक्तियों का रास्ता तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद आश्रितों को समय पर नौकरी मिलना उनके लिए आर्थिक सहारा बन सकता है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं का भी उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार पहले 500 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाते थे जबकि अब 1 लाख 45 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए गए हैं। विद्यार्थियों को स्कूटी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब 20 हजार पदों पर प्रस्तावित भर्ती और नए विद्यालयों की योजना के संबंध में युवाओं तथा अभिभावकों की नजर सरकार की अगली आधिकारिक घोषणाओं पर रहेगी।
