कांग्रेस में बगावत की आहट! 300 किलोमीटर पैदल चलकर भोपाल पहुंचे दो कार्यकर्ता, PCC कार्यालय के बाहर खोला मोर्चा

धरने पर बैठे संजय रावल ने बताया कि वह और उनके साथी गौरव पोरवाल आठ दिन तक लगातार पैदल चलकर भोपाल पहुंचे हैं। उनका कहना है कि जिस पदाधिकारी ने उन्हें निष्कासित किया, उसके पास ऐसा निर्णय लेने का अधिकार ही नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, लेकिन उनसे बातचीत किए बिना ही चले गए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे पार्टी के खिलाफ नहीं बल्कि संगठन में पारदर्शिता और कार्यकर्ताओं के सम्मान की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं।
गौरव पोरवाल ने बताया कि हाल ही में घोषित रतलाम जिला कांग्रेस कमेटी में कुछ नेताओं को एक साथ तीन-तीन और चार-चार पद दे दिए गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से जिला अध्यक्ष को इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि संगठन में एक व्यक्ति को कई जिम्मेदारियां देना उचित नहीं है और इससे समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय होता है। उनका दावा है कि इस मुद्दे पर जब उन्होंने जिला अध्यक्ष से चर्चा की तो जवाब मिला कि संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं की कमी है, इसलिए एक ही व्यक्ति को कई पद देने पड़े।
गौरव का कहना है कि उन्होंने केवल संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से अपनी बात रखी थी, लेकिन इसके बजाय उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके निष्कासन के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया गया और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
दोनों कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि चार जून को नामली में उनकी मुलाकात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से हुई थी। उनके मुताबिक पटवारी ने उन्हें गले लगाया और साथ बैठाकर बातचीत भी की थी। उनका आरोप है कि इसके बाद जिला कांग्रेस नेतृत्व नाराज हो गया और कुछ ही समय बाद उन्हें निष्कासित कर दिया गया।
गौरव पोरवाल ने दावा किया कि जिला कांग्रेस में रवि तिवारी को तीन पद दिए गए हैं, जबकि प्रकाश पाटीदार और सुनील पोरवाल को भी एक से अधिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उनका कहना है कि वे स्वयं किसी पद पर नहीं हैं और केवल एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में संगठन में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
धरने पर बैठे दोनों कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें किसी पद की इच्छा नहीं है। उनकी केवल यही मांग है कि पार्टी में ईमानदारी से काम करने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान हो और संगठन में नियुक्तियां निष्पक्ष तरीके से की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश नेतृत्व ने उनकी बात नहीं सुनी तो वे भोपाल से पैदल दिल्ली तक मार्च करेंगे और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने अपनी बात रखेंगे। फिलहाल दोनों कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना जारी रखे हुए हैं और प्रदेश नेतृत्व की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
