MP से मानसून की विदाई, सीजन में 35.8 इंच हुई बारिश, 7 अक्टूबर से पूर्वी हिस्से में फिर बूंदाबांदी के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की विदाई के साथ प्रदेश में मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। अक्टूबर में दिन के समय गर्मी बढ़ेगी, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी। ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है। अगस्त-सितंबर जैसी तेज बारिश का दौर अब नहीं रहेगा, लेकिन कुछ इलाकों में रिमझिम बारिश होती रह सकती है।
24 जून को आया था मानसून, 9 दिन में पूरे MP में छाया
मध्य प्रदेश में इस साल मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। इसके बाद महज 9 दिन में यह पूरे प्रदेश में फैल गया। जून में 6 दिन, जुलाई में 31 दिन, अगस्त में 31 दिन, सितंबर में 30 दिन और अक्टूबर में 2 दिन मानसून सक्रिय रहा।
हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस अवधि में होने वाली बारिश को ही दक्षिण-पश्चिम मानसूनी बारिश के तौर पर दर्ज किया जाता है।
35.8 इंच बारिश, सामान्य से 1.5 इंच कम
दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में करीब 1.5 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 4% कम पानी गिरा।
हालांकि, बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई।
पूर्वी MP के 9 जिलों में 5 से 21% कम बारिश
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश सामान्य से 4% अधिक रही। इसके बावजूद कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे रहा।
बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश दर्ज की गई।
पश्चिमी हिस्से में स्थिति और कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश हुई।
इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
इसके अलावा 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।
4 से 6 अक्टूबर तक तेज धूप, 7 से बारिश के आसार
मानसून की विदाई के बाद अगले तीन दिन मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। 4, 5 और 6 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इस दौरान कई इलाकों में तेज धूप खिलेगी, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
7 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश के आसार हैं। इसके बाद 8 और 9 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इस तरह मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में मौसम का एक नया दौर शुरू होगा, जिसमें दिन गर्म और रातें ठंडी रहने के साथ कुछ पूर्वी जिलों में हल्की बारिश जारी रह सकती है।
