June 4, 2026

मानसून को लेकर सख्ती, महापौर ने दिए निर्देश-बारिश में बंद नहीं होने चाहिए चौराहों के सिग्नल

0
untitled-1780561272

मध्य प्रदेश । इंदौर में मानसून की दस्तक से पहले नगर निगम ने वर्षाकालीन तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शहर में हर साल बारिश के दौरान बनने वाली जलभराव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने और नागरिकों को होने वाली परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से सिटी बस ऑफिस में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर Pushyamitra Bhargav और नगर निगम आयुक्त Kshitij Singhal ने की।

बैठक में उन सभी स्थानों की विस्तृत समीक्षा की गई, जहां हर वर्ष बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या सामने आती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे सभी हॉटस्पॉट क्षेत्रों में जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए और मानसून शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएं। निगम का लक्ष्य है कि इस बार बारिश के दौरान नागरिकों को न्यूनतम परेशानी का सामना करना पड़े।

समीक्षा के दौरान स्टॉर्म वॉटर लाइन, नालों और चैंबरों की नियमित सफाई पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में कर्मचारियों की ड्यूटी पहले से निर्धारित रहे और मोटर पंप, फावड़े, रस्सियां, टॉर्च तथा अन्य आवश्यक उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट कहा कि शहर के ऐसे क्षेत्रों के लिए स्थायी समाधान तैयार किए जाएं, जहां हर वर्ष जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था को भी प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि बारिश के दौरान शहर के किसी भी प्रमुख चौराहे का ट्रैफिक सिग्नल बंद नहीं होना चाहिए। सिग्नल बंद होने से यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

बैठक में शहर में चल रहे सड़क, पुलिया, मेट्रो और अन्य निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, सुरक्षा व्यवस्था और प्रकाश की सुविधा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से मेट्रो परियोजना और बड़े निर्माण स्थलों पर जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि बारिश के दौरान कोई दुर्घटना न हो।

इसके अलावा सर्विस रोड और प्रमुख चौराहों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल पेचवर्क और मरम्मत कार्य कराए जाएं, जिससे बारिश के दौरान सड़कें सुरक्षित और यातायात सुचारू बना रहे।

बैठक में निचली बस्तियों और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अधिक बारिश की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत व्यवस्था उपलब्ध कराने की पूर्व तैयारी रखी जाए।

नगर निगम का दावा है कि इस बार मानसून के दौरान जलभराव, यातायात बाधा और दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं को कम करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है, ताकि शहरवासियों को सुरक्षित और सुगम वातावरण मिल सके।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *