खदान बनी मौत का फंदा: पैर फिसलते ही युवक गहराई में समाया, SDERF जुटी
जानकारी के अनुसार, ग्राम धुरी निवासी दुर्गेश कुशवाहा (लगभग 26 वर्ष) रविवार शाम खदान के पास गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे लगभग 100 फीट गहरी पानी से भरी खदान में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की और शोर मचाया, लेकिन कुछ ही पलों में वह पानी में समा गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्लीमनाबाद थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कटनी से SDRF टीम को भी बुलाया गया।
SDRF की चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम प्लाटून कमांडर श्वेता गुप्ता के नेतृत्व में आवश्यक रेस्क्यू उपकरण, बोट और लाइफ जैकेट के साथ मौके पर पहुंची। लेकिन खदान की अत्यधिक गहराई और संकरी संरचना के कारण बचाव कार्य में कई तकनीकी चुनौतियां सामने आईं।
अंधेरे के कारण रात में रेस्क्यू ऑपरेशन और भी कठिन हो गया। टीम ने टॉर्च और सर्च लाइट की मदद से देर रात तक खोजबीन जारी रखी, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका।
Katni पुलिस और SDRF की टीम पूरी सतर्कता के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। प्रशासन ने खदान के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर ग्रामीणों की भीड़ को नियंत्रित किया है ताकि बचाव कार्य में बाधा न आए।
जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और रेस्क्यू टीम के संपर्क में हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और सुबह होते ही अतिरिक्त संसाधनों के साथ सर्चिंग तेज की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर जिले में खनन क्षेत्रों और पानी से भरी पुरानी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
