आधी रात गायब हुआ 4 लाख का बैग, CCTV देखा तो पुलिस भी रह गई हैरान; कुत्ता निकला 'चोर'
मामला 23 और 24 अगस्त की दरमियानी रात का बताया जा रहा है। कयामपुर निवासी लताबाई अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए मंदसौर जिला अस्पताल आई थीं। महिला ने घर में रखे कीमती जेवर सुरक्षा की दृष्टि से अपने साथ अस्पताल लाए थे। बैग में करीब 4 लाख रुपये कीमत के सोने और चांदी के आभूषण के अलावा लगभग 2 हजार रुपये नकद और खाने पीने का सामान भी रखा था। रात करीब 1 बजे से सुबह 6 बजे के बीच महिला को बैग गायब होने का पता चला। लाखों रुपये के जेवरात गायब होने से परिवार के होश उड़ गए और उन्होंने तत्काल पुलिस से मदद मांगी।
लताबाई ने कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद बिना देर किए अस्पताल परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। पुलिस को उम्मीद थी कि फुटेज से किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हो सकेगी लेकिन कैमरे में जो दृश्य सामने आया उसने पूरे मामले को ही अलग मोड़ दे दिया। CCTV फुटेज में एक कुत्ता अस्पताल के सर्जिकल वार्ड के आसपास घूमता दिखाई दिया। कुछ देर बाद वही कुत्ता बैग को मुंह में दबाकर अस्पताल के दरवाजे से बाहर निकलता नजर आया।
पुलिस ने इसके बाद कुत्ते की गतिविधियों और उसके जाने की दिशा का पता लगाने के लिए आसपास लगे दूसरे CCTV कैमरों की भी मदद ली। अलग अलग स्थानों की फुटेज को जोड़कर पुलिस टीम ने कुत्ते के रास्ते को ट्रेस किया और लगातार तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस को ज्वेलरी से भरा बैग मिल गया। बैग में रखे सोने चांदी के आभूषण और अन्य सामान सुरक्षित पाए गए। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद पूरा सामान महिला को वापस सौंप दिया।
कीमती सामान वापस मिलने के बाद लताबाई और उनके परिवार ने राहत की सांस ली। महिला ने पुलिस की तत्परता के लिए आभार जताया। अगर पुलिस समय रहते CCTV फुटेज खंगालकर कुत्ते की दिशा का पता नहीं लगाती तो लाखों रुपये के जेवरात बरामद करना मुश्किल हो सकता था। इस पूरे मामले में पुलिस की जांच का तरीका भी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि आमतौर पर चोरी के मामलों में संदिग्ध इंसान की तलाश की जाती है लेकिन यहां जांच का रास्ता एक कुत्ते तक पहुंचा।
हालांकि घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी को लेकर भी चिंता सामने आई है। सवाल यह है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आवारा कुत्ते रात के समय वार्ड तक कैसे पहुंच रहे हैं। इस घटना में महिला का कीमती सामान वापस मिल गया लेकिन अगर बैग किसी दूसरी जगह चला जाता या कुत्ता उसे कहीं छोड़ देता तो लाखों रुपये के आभूषणों का पता लगाना काफी मुश्किल हो सकता था।
फिलहाल इस अजीबोगरीब घटना की चर्चा पूरे मंदसौर में है। जिस मामले की शुरुआत लाखों रुपये की चोरी की आशंका से हुई थी उसका अंत एक ऐसे CCTV खुलासे के साथ हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पुलिस की तत्परता और CCTV की मदद से महिला का कीमती सामान सुरक्षित वापस मिल गया और यह मामला मंदसौर जिला अस्पताल की उन घटनाओं में शामिल हो गया जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
