March 9, 2026

महाकाल मंदिर उज्जैन अब भक्तों को नहीं होगी नकद की चिंतादान से लेकर प्रसाद तक सब कुछ हुआ कैशलेस

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उज्जैन । उज्जैन विश्व के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शुमार भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने एक बड़ी सुविधा शुरू की है। अब देश-विदेश से आने वाले भक्तों को मंदिर में दान देने या अन्य सेवाओं के लिए नकद रखने की अनिवार्यता नहीं होगी। मंदिर समिति ने पूरे परिसर को कैशलेस ट्रांजेक्शन से जोड़ते हुए जगह-जगह क्यूआर कोड और बारकोड लगा दिए हैं।

इन सेवाओं में मिलेगी कैशलेस सुविधा

मंदिर प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु बिना किसी आर्थिक उलझन के बाबा के दर्शन कर सकें। वर्तमान में निम्नलिखित सेवाओं में ई-वॉलेट और डिजिटल भुगतान का लाभ मिल रहा है भस्म आरती बुकिंग ऑनलाइन पोर्टल पर ई-वॉलेट के जरिए बुकिंग पहले से जारी है। शीघ्र दर्शन टिकट सशुल्क दर्शन के लिए काउंटर पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा। दान काउंटर मंदिर के विभिन्न दान काउंटरों पर बारकोड के माध्यम से सीधा भुगतान। लड्डू प्रसाद अब महाकाल का सुप्रसिद्ध लड्डू प्रसाद भी ऑनलाइन पेमेंट के जरिए लिया जा सकेगा। धर्मशाला एवं अन्न क्षेत्र महाकालेश्वर और हरसिद्धि धर्मशाला में रुकने का शुल्क और अन्न क्षेत्र का सहयोग भी कैशलेस किया गया है।

नेटवर्क की चिंता नहीं नकद भुगतान भी रहेगा जारी

डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ मंदिर समिति ने व्यवहारिकता का भी ध्यान रखा है। अक्सर मंदिर परिसर में भीड़ और तकनीकी कारणों से नेटवर्क की समस्या आ जाती है। इसे देखते हुए समिति ने स्पष्ट किया है कि नकद भुगतान की सुविधा भी अनिवार्य रूप से बनी रहेगी। यदि ई-पेमेंट में कोई तकनीकी खामी आती हैतो दर्शनार्थी पुराने तरीके से भी भुगतान कर सकेंगे ताकि उनकी व्यवस्था प्रभावित न हो।

मंदिर परिसर में हर जगह उपलब्ध हैं बारकोड

भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के प्रमुख स्थानोंविश्राम धाम और कार्यालयों के बाहर बारकोड लगाए गए हैं। श्रद्धालु अपने मोबाइल से किसी भी यूपीआई ऐप जैसे PhonePeGoogle PayPaytm के माध्यम से सुरक्षित रूप से दान राशि जमा कर सकते हैं। इसकी रसीद भी डिजिटल या भौतिक रूप से प्राप्त करने की व्यवस्था की जा रही है।

प्रशासक का विजन सुलभ और पारदर्शी व्यवस्था

मंदिर समिति के अनुसारइस कदम से न केवल भक्तों को सुविधा होगीबल्कि मंदिर के कोष और लेखा-जोखा में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डिजिटल लेन-देन से रिकॉर्ड रखने में आसानी होती है और सुरक्षा की दृष्टि से भी यह बेहतर है। सुविधा दानप्रसादऔर बुकिंग के लिए कैशलेस व्यवस्था। माध्यम बारकोडक्यूआर कोड और ई-वॉलेट। विकल्प डिजिटल के साथ नकद भुगतान की सुविधा भी बरकरार। स्थान महाकालेश्वर मंदिरउज्जैन।

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