MP में जुलाई का बारिश कोटा पूरा, फिर भी 13% कम, अगले चार दिन भारी बारिश की संभावना नहीं
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ रहे हैं। इसके चलते अगले चार दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि अगस्त में मानसून फिर सक्रिय होने पर वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
पिछले 48 घंटों के दौरान मालवा-निमाड़ क्षेत्र, विशेषकर इंदौर और उज्जैन संभाग में तेज से अति भारी बारिश हुई। खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, धार और रतलाम सहित कई जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
खंडवा में तेज बारिश और हवाओं से कपास व मक्का की फसलें खेतों में गिर गईं। वहीं बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र में नाले का पानी 10 से 15 घरों में घुस गया, जिससे करीब दो फीट तक जलभराव हो गया। कई स्थानों पर मक्का की फसल भी प्रभावित हुई।
खरगोन जिले में आबना और सुक्ता नदी के उफान के कारण एक टापू पर फंसे चार लोगों को SDRF ने करीब साढ़े दस घंटे के अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। लगातार बारिश से कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 7.6 इंच बारिश खरगोन के गोगावां में दर्ज की गई। इसके अलावा बुरहानपुर शहर में 7 इंच और बैतूल के भीमपुर में 6.6 इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। प्रदेश के 33 शहरों और कस्बों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले दो दिनों से सक्रिय तीन मजबूत मौसम प्रणालियां अब कमजोर पड़ रही हैं। इसी वजह से भारी बारिश का दौर थमने की संभावना है। हालांकि, यदि कोई नया मौसम सिस्टम सक्रिय होता है तो कुछ क्षेत्रों में फिर से तेज बारिश हो सकती है।
प्रदेश में अब तक औसतन 15.4 इंच (390.3 मिमी) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि तक 17.6 इंच (448.4 मिमी) बारिश सामान्य मानी जाती है। यानी प्रदेश में फिलहाल 13 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
प्रदेश के 42 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर सहित 13 जिलों में औसत से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
