September 11, 2026

MP में फिर बदला मौसम, 12 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, 12 सितंबर से इंदौर संभाग भी भीगेगा

0
photo-1-1-1789096251

भोपाल। तीन दिन के ब्रेक के बाद मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 12 सितंबर से इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में भी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

शुक्रवार को बाकी जिलों में मौसम मिला-जुला रहेगा। कहीं धूप रहेगी तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सिंगरौली, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।

तीन दिन थमी रही बारिश, बढ़ी गर्मी-उमस

प्रदेश में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश नहीं हुई है। बारिश का दौर थमने से गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। गुरुवार को भोपाल में तेज धूप रही। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी दिनभर धूप खिली रही।

मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इसके अलावा पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण की सक्रियता है। इन मौसमी सिस्टम के असर से प्रदेश में दोबारा बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।

सामान्य से 8% कम बारिश

मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 795.3 मिमी यानी 31.3 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 862.5 मिमी यानी 33.9 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक 2.6 इंच कम बारिश हुई है और कुल बारिश सामान्य से 8% कम है।

क्षेत्रवार स्थिति देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 2%, जबकि पश्चिमी हिस्से में 13% कम बारिश दर्ज हुई है।

33 जिलों में बारिश का आंकड़ा पीछे

पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 25% तक कम बारिश हुई है।

हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी हिस्से की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने और अच्छी बारिश हुई, जिससे सीजन का आंकड़ा सुधरा। बुधवार तक पूर्वी हिस्से में बारिश सामान्य से सिर्फ 1% कम रह गई थी।

पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 56% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

इन 22 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *