August 18, 2026

एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा

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मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। पिछले चौबीस घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में सड़कें धंस गईं, नदी-नाले उफान पर आ गए, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों में पानी भर गया, जबकि कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के बीच इंदौर में एक शादी समारोह का अनोखा दृश्य भी सामने आया, जहां पानी से लबालब मैरिज गार्डन में दूल्हे ने अपनी दुल्हन को गोद में उठाकर विवाह स्थल तक पहुंचाया।

इंदौर से करीब तीस किलोमीटर दूर जेतकारण गांव में तेज बारिश के कारण सड़क धंस गई। सड़क टूटने से स्कूली बच्चों का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर उफनते नाले के बीच से बच्चों को सुरक्षित पार कराया। वहीं शहर के कैट रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में पानी भर जाने से शादी समारोह प्रभावित हुआ। पानी से भरे रास्ते को पार कराने के लिए दूल्हे ने दुल्हन को गोद में उठाया। इस दौरान गार्डन में जूते और चप्पल पानी में तैरते नजर आए, जिसका वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।

पन्ना जिले में लगातार बारिश के चलते जिला अस्पताल के सर्जिकल और डिलीवरी वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं हरसा-बागोहा नाला उफान पर होने के बावजूद लोग पुल के ऊपर बहते पानी के बीच जान जोखिम में डालकर आवागमन करते रहे। खजुराहो में चौबीस घंटे के दौरान सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा से खूडर नदी का जलस्तर बढ़ने पर खजुराहो-जटकरा मार्ग एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया, जबकि बमीठा स्थित नेशनल हाईवे पर करीब तीन फीट तक पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा।

रायसेन जिले के बापौली धाम आश्रम में एक घंटे की तेज बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए। आश्रम परिसर, संस्कृत पाठशाला, शिव मंदिर और गोशाला में पानी घुस गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से वहां रह रहे करीब साठ छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उधर प्रदेश के एक अन्य इलाके में निदान वॉटरफॉल पर पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

लगातार बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। सुक्ता नदी उफान पर आने से हापला और दीपला गांव का संपर्क टूट गया तथा तेज बहाव में दो भैंसें बह गईं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर पुलों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

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