September 21, 2026

कहीं विधायक को वादा याद दिलाया तो कहीं मंच से दूरी मोदी के जन्मदिन पर भजन से लेकर भाजपा की अंदरूनी हलचल तक

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों छोटे छोटे घटनाक्रम भी चर्चा का विषय बन रहे हैं। देवास के सोनकच्छ में ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां मंदिर में पूजा करने पहुंचे भाजपा विधायक राजेश सोनकर को पुजारी ने उनका पुराना वादा याद दिला दिया। पूजा-अर्चना के बाद जब विधायक मंदिर से बाहर निकले तो पुजारी ने उनसे सड़क निर्माण को लेकर सवाल कर दिया। पुजारी ने कहा कि पिछली बार जब विधायक यहां आए थे तब उन्होंने अगली बार डामर रोड से आने की बात कही थी लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। इस दौरान विधायक पुजारी की बात सुनते रहे। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।

दूसरी ओर ग्वालियर जिले के डबरा में भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह द्वारा पूर्व मंत्री इमरती देवी को मंच पर बुलाए जाने के बावजूद उनके मंच पर नहीं जाने का मामला सामने आया। कार्यक्रम के दौरान सांसद ने उन्हें मंच पर आने के लिए बुलाया लेकिन इमरती देवी कार्यकर्ताओं के बीच नीचे ही बैठी रहीं। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। बाद में जब उनसे मंच पर नहीं जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वहां तो मर्डर करने वाले भी बैठे हैं और ऐसे लोगों के साथ जाने का क्या मतलब है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी से नाराज नहीं हैं। उन्होंने खुद को भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उन्हें कार्यकर्ताओं के बीच बैठना पसंद है।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर छतरपुर में भाजपा विधायक ललिता यादव का भजन भी चर्चा में रहा। 17 सितंबर को भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाया। इसी दौरान ललिता यादव ने मोदी के नाम पर भजन गाया। उन्होंने मोदी जन्मे आधी रात सुनो री सखियां भजन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य महिला नेताओं ने भी उनका साथ दिया। विधायक के इस भजन का वीडियो सामने आने के बाद इसकी चर्चा होने लगी।

मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से जुड़ी एक खबर भी चर्चा में है। एक ही विभाग के अलग अलग विंग में पदस्थ एक ही बैच के दो आईएएस अधिकारियों के बीच टेंडर की शर्तों को लेकर मतभेद की बात सामने आई है। इनमें एक महिला अधिकारी हैं। जानकारी के मुताबिक महिला अधिकारी अपनी तय की गई टेंडर शर्तों के अनुसार काम कराने के पक्ष में हैं जबकि दूसरे विंग में पदस्थ अधिकारी ने एक टेंडर की शर्तों में बदलाव कर दिया। बताया गया है कि नए पदस्थ अधिकारी के सामने टेंडर की फाइल आने के बाद उन्होंने शर्तों में बदलाव किया।

इसके बाद महिला अधिकारी ने पत्र लिखकर टेंडर की शर्तों में बदलाव नहीं करने की बात कही। अब दोनों अधिकारियों के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा यही बताया जा रहा है कि टेंडर की शर्तों में बदलाव करने का अधिकार किसके पास है। मामला बढ़ने के बाद यह प्रकरण वल्लभ भवन तक पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी इस सामग्री में नहीं है।

इस तरह देवास में सड़क के वादे को लेकर पुजारी का सवाल हो या डबरा में मंच पर नहीं जाने का घटनाक्रम और छतरपुर में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर भाजपा विधायक का भजन इन घटनाओं ने मध्य प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में अलग अलग वजहों से चर्चा पैदा की है।

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