खजराना गणेश मंदिर में तेज़ी से विकास कार्य, डेढ़ फीट नीचे होगा सभामंडप, लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा होगी दोगुनी
मंदिर के गर्भगृह का प्रवेश द्वार पहले ही चौड़ा किया जा चुका है। अब गर्भगृह के बाहर स्थित सभामंडप को लगभग डेढ़ फीट नीचे किया जा रहा है। इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ सामान्य श्रद्धालुओं को मिलेगा। अभी तक सभामंडप में विशेष पूजन, वीआईपी दर्शन या नवविवाहित दंपतियों के धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पीछे खड़े श्रद्धालुओं का दृश्य बाधित हो जाता था, जिससे भगवान के दर्शन करने में कठिनाई होती थी।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार सभामंडप का स्तर नीचे किए जाने से लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को बिना किसी अवरोध के सीधे भगवान गणेश के दर्शन हो सकेंगे। इससे मंदिर में आने वाले प्रत्येक भक्त को बेहतर धार्मिक अनुभव मिलेगा और भीड़ प्रबंधन भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
मंदिर परिसर के लिए तैयार मास्टर प्लान के तहत केवल सभामंडप ही नहीं बल्कि कई अन्य विकास कार्य भी प्रस्तावित हैं। आने वाले समय में यहां आधुनिक दर्शन हॉल का निर्माण भी किया जाएगा। इस हॉल के बनने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ व्यवस्थित तरीके से कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इससे त्योहारों और विशेष अवसरों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में भी आसानी होगी।
सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के इंदौर स्थित खजराना गणेश मंदिर पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन अभी से सभी आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है। यही कारण है कि मंदिर की आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।
खजराना गणेश मंदिर देशभर के प्रमुख गणेश मंदिरों में शामिल है और यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और बुधवार के दिन यहां भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर में किए जा रहे ये विकास कार्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इन सुधारों के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को पहले से कहीं अधिक सहज, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन का अनुभव मिलेगा।
