ज्योति रात्रे ने रचा इतिहास, पिको डी ओरिजाबा फतह करने वाली एमपी की पहली पर्वतारोही बनीं
इस उपलब्धि के साथ वह उत्तरी अमेरिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर तिरंगा फहराने वाली भारत की सबसे वरिष्ठ महिला पर्वतारोही बन गई हैं। साथ ही वे तीन महाद्वीपों के सर्वोच्च ज्वालामुखीय शिखरों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाली भारत की सबसे वरिष्ठ महिला भी बन चुकी हैं।
मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
Bhopal की रहने वाली ज्योति रात्रे इस शिखर को फतह करने वाली मध्य प्रदेश की पहली पर्वतारोही बन गई हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के पर्वतारोहण इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
आधी रात से शुरू हुआ कठिन अभियान
ज्योति ने बताया कि अंतिम चढ़ाई 30 मई की रात 12:42 बजे शुरू हुई थी। बर्फीले मौसम, तेज हवाओं और घने अंधेरे के बीच उन्होंने लगातार आगे बढ़ते हुए करीब 10 घंटे 28 मिनट में शिखर तक पहुंचने का लक्ष्य हासिल किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 1,400 मीटर की सीधी ऊंचाई एक ही प्रयास में तय की, जो पर्वतारोहण की दृष्टि से बेहद कठिन माना जाता है।
हर कदम पर था खतरा
अभियान के दौरान तापमान -15 से -18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तेज हवाओं के कारण महसूस होने वाला तापमान लगभग -20 डिग्री सेल्सियस जैसा था। ग्लेशियर, ज्वालामुखीय चट्टानें और बर्फ से ढकी खड़ी ढलानें इस अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना रही थीं। ज्योति के अनुसार, शिखर तक पहुंचना जितना कठिन था, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण नीचे सुरक्षित उतरना था।
ग्रामीण महिलाओं को समर्पित की सफलता
ज्योति रात्रे ने अपनी इस उपलब्धि को देश की ग्रामीण महिलाओं को समर्पित किया। उनका कहना है कि यह अभियान उन महिलाओं के संघर्ष, साहस और सपनों का प्रतीक है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करती हैं। यह सफलता न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारत के पर्वतारोहण जगत के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
