June 2, 2026

जमीन में गाड़कर छिपाई थीं मूर्तियां, पुलिस ने किया बरामदगी का खुलासा

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मध्य प्रदेश । इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र में स्थित जैन मंदिर में तीन मई की रात हुई करोड़ों की आस्था से जुड़ी चोरी की वारदात के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। एरोड्रम और तेजाजी नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को तेलंगाना से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई कुछ मूर्तियां भी बरामद की गई हैं। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार चोरी के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे। डीसीपी जोन-1 नरेन्द्र रावत के निर्देशन में गठित विशेष टीम उनकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को आरोपियों की लोकेशन तेलंगाना में मिली, जिसके बाद टीम ने वहां दबिश देकर लखन, दीपक चौहान और रामबाबू को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। उन्होंने बताया कि चोरी की गई मूर्तियों और अन्य सामान को सुरक्षित रखने के लिए जमीन में गाड़ दिया गया था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बताए गए स्थान से चोरी की गई मूर्तियां बरामद कर लीं। पुलिस अब अन्य चोरी हुए सामान की बरामदगी और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

इससे पहले पुलिस ने 13 मई को इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें ललित चौहान, विशाल केवट, ओमप्रकाश चौहान और गीताबाई मकवाना शामिल हैं। तीन आरोपी खरगोन जिले के रहने वाले हैं, जबकि महिला आरोपी गीताबाई तेजाजी नगर क्षेत्र की निवासी है। प्रारंभिक पूछताछ में इन्हीं आरोपियों ने फरार साथियों और चोरी की गई मूर्तियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी थी, जिसके आधार पर पुलिस आगे बढ़ी।

जांच में सामने आया कि चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर बंट गए थे। पुलिस ने लगातार तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर उनका पीछा किया। आखिरकार तेलंगाना में उनकी मौजूदगी की पुष्टि होने पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

मामले के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज की भी अहम भूमिका रही। मंदिर परिसर में लगे कैमरों में चोरी की पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई थी। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और धीरे-धीरे पूरे गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुलिस का कहना है कि मामले में अभी जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

मूर्ति चोरी की इस घटना ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए थे। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और लगातार की गई जांच के चलते अब अधिकांश आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है तथा चोरी की गई मूर्तियों की बरामदगी भी शुरू हो गई है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले से जुड़े बाकी पहलुओं का भी खुलासा हो जाएगा।

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