इंदौर में मानसून का इंतजार बढ़ा, गर्मी और उमस से बेहाल शहर; प्री-मानसून गतिविधियां भी कमजोर
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, लेकिन इंदौर क्षेत्र पर उनका अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि जून के दूसरे सप्ताह तक शहर में केवल लगभग एक इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य स्थिति की तुलना में काफी कम मानी जा रही है।
आमतौर पर जून माह में इंदौर के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलती है। पिछले छह वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2020 से 2025 के बीच जून महीने में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। पिछले वर्ष अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन साथ ही अच्छी बारिश ने मौसम को राहतभरा बनाए रखा था। सामान्य तौर पर जून महीने में इंदौर अपने वार्षिक वर्षा कोटे का लगभग 20 प्रतिशत प्राप्त कर लेता है। वर्ष 2025 में जून के दौरान करीब साढ़े पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी।
इंदौर के मौसम इतिहास पर नजर डालें तो जून महीने में कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। वर्ष 1980 में शहर में जून के दौरान 17 इंच से अधिक बारिश हुई थी, जो अब भी एक बड़ा रिकॉर्ड माना जाता है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी। तापमान के लिहाज से 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में दोबारा गति पकड़ ली है। इसके चलते मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। वर्तमान अनुमान के अनुसार 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में दस्तक दे सकता है। हालांकि तब तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी।
प्रदेश के कई जिलों में हाल के दिनों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है। लेकिन इंदौर और उसके आसपास के इलाकों में इन गतिविधियों का प्रभाव बेहद सीमित रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के सक्रिय होते ही इंदौर में बारिश की स्थिति बेहतर होगी और लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
फिलहाल शहरवासी आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं और मानसून की पहली जोरदार बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जो न केवल तापमान में गिरावट लाएगी बल्कि लंबे समय से बनी उमस से भी राहत दिलाएगी।
