वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं पर बरसी हैवानियत नाबालिग ने डंडे से पीटा वीडियो सामने आने के बाद मचा हड़कंप
घटना शहर के मरीमाता पानी की टंकी के पास स्थित महाराणा प्रताप वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम की है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि करीब 14 वर्षीय लड़का हाथ में डंडा लेकर एक बुजुर्ग महिला पर लगातार हमला कर रहा है। जब आश्रम में मौजूद अन्य महिलाएं उसे रोकने की कोशिश करती हैं तो वह उनके साथ भी मारपीट करने लगता है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग उठने लगी।
मामले की जानकारी मिलते ही बाणगंगा थाना पुलिस ने वृद्धाश्रम की संचालिका नीलम दुबे को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पुलिस ने उनसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस ने संचालिका को समझाइश देकर छोड़ दिया है जबकि पूरे मामले की जांच जारी है।
एसीपी रुबीना मिजवानी के अनुसार पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि नाबालिग करीब पांच महीने पहले अपनी मां के साथ वृद्धाश्रम में रहने आया था। उसकी मां गंभीर रूप से झुलस गई थीं और कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। मां के निधन के बाद से लड़का वहीं रह रहा था। पुलिस के अनुसार बुधवार को किसी बात को लेकर उसका एक बुजुर्ग महिला से विवाद हो गया जिसके बाद उसने गुस्से में डंडा उठाकर हमला कर दिया। वीडियो में यह भी दिखाई दे रहा है कि बीच बचाव करने वाले लोगों के साथ भी उसने आक्रामक व्यवहार किया।
पुलिस का कहना है कि बच्चे की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं होने की जानकारी मिली है इसलिए उसके साथ संवेदनशील तरीके से कार्रवाई की जाएगी। सबसे पहले उसकी विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग कराई जाएगी ताकि उसकी मानसिक और भावनात्मक स्थिति का सही आकलन किया जा सके। इसके साथ ही वृद्धाश्रम प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि उसे तत्काल बुजुर्गों से अलग रखा जाए ताकि किसी अन्य व्यक्ति की सुरक्षा को खतरा न हो।
प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया है कि नाबालिग को वृद्धाश्रम से हटाकर बाल संरक्षण से जुड़ी संस्था के सुपुर्द किया जाएगा जहां उसकी उचित देखभाल इलाज और काउंसलिंग की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि उसकी परिस्थितियों और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास की दिशा में काम करना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना ने वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसे संस्थानों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की नियमित निगरानी मानसिक स्वास्थ्य की जांच और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि बुजुर्ग सुरक्षित वातावरण में अपना जीवन व्यतीत कर सकें। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वीडियो के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
