August 22, 2026

रील बनाने का जुनून या ट्रैफिक के लिए खतरा? इंदौर में गाड़ियों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटी इंफ्लुएंसर, पुलिस ने शुरू की जांच

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इंदौर। सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में बनाए जा रहे वीडियो अब कई बार लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। इंदौर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक महिला इंफ्लुएंसर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में युवती ट्रैफिक सिग्नल के पास वाहनों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर वीडियो शूट कराती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने मामले को संज्ञान में लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को वायरल वीडियो इंदौर के लैंटर्न चौराहे का प्रतीत हो रहा है। वीडियो में सिग्नल पर वाहन रुके हुए दिखाई देते हैं और इसी दौरान युवती उनके आगे जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटती नजर आती है। बताया जा रहा है कि युवती का नाम प्रकृति गौर है और वह सोशल मीडिया के लिए फोटो और वीडियो शूट करा रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी सड़क पर इस तरह शूटिंग करने को लेकर सवाल उठाए और यातायात नियमों के पालन की मांग की।

मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने वायरल वीडियो को आइडेंटिफाई किया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सामने आए इस वीडियो की पुलिस ने पहचान की है। शुरुआती जांच में वीडियो लैंटर्न चौराहे का होने की संभावना सामने आई है। हालांकि पुलिस अब वीडियो से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि कर रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो शूट के दौरान वास्तव में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। इसके साथ ही यह देखा जा रहा है कि युवती के सड़क पर लेटने से यातायात प्रभावित हुआ या वाहन चालकों और राहगीरों के लिए किसी तरह का खतरा पैदा हुआ। अगर जांच में नियमों का उल्लंघन या लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने की बात सामने आती है तो संबंधित युवती के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

एडिशनल डीसीपी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि यातायात नियमों की अनदेखी की जाए। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह की ओर से सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर जारी प्रिवेंटिव ऑर्डर के तहत भी इस मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इंफ्लुएंसर कोई भी हो यदि उसके कंटेंट के कारण यातायात बाधित होता है या खुद अथवा किसी अन्य व्यक्ति की जान को खतरा पैदा होता है तो कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं मामला सामने आने और विवाद बढ़ने के बाद संबंधित इंफ्लुएंसर ने एक अन्य वीडियो जारी कर सफाई दी और खेद जताया। उनका कहना है कि वीडियो को कुछ लोगों ने गलत तरीके से पेश किया है। इंफ्लुएंसर ने दावा किया कि शूटिंग के दौरान जानबूझकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर वीडियो शूट करते समय ज्यादा सावधानी बरती जाएगी।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। वीडियो की वास्तविक लोकेशन शूटिंग के समय ट्रैफिक की स्थिति और नियमों के उल्लंघन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों का ध्यान रखने की जरूरत को सामने लाता है।

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