इंदौर में आरोपियों के जुलूस पर उठे सवाल जेल गेट पर खुद खोले पट्टे वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच के घेरे में
यह मामला मेडिकल दुकान के बाहर कार और बाइक की टक्कर के बाद हुए विवाद से जुड़ा है। घटना के बाद हीरानगर पुलिस ने एक नाबालिग सहित चार आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने शोभित साक्यवार निक्की अहिरवार ओम उर्फ देवाय और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को इलाके में उनका जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान आरोपियों के हाथ और पैरों पर पट्टे बांधे गए थे। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें जेल गेट के बाहर आरोपी अपने हाथ और पैरों से पट्टे खोलते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आरोप लगाए कि पट्टे केवल दिखावे के लिए बांधे गए थे। हालांकि इन दावों की किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है और न ही अब तक इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक किया गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। मामले में एसीपी रूबीना मिजवानी ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और वीडियो की सत्यता तथा घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सार्वजनिक स्थानों पर आरोपियों के जुलूस निकालने जैसी कार्रवाइयों को लेकर पहले भी बहस होती रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थिति किस परिस्थिति में बनी और पुलिस की कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता हुई या नहीं।
