शिवपुरी कोतवाली में कथित शराबखोरी और फायरिंग के मामले में टीआई रोहित दुबे लाइन अटैच, सात पुलिसकर्मी निलंबित
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात करीब एक बजे सिटी कोतवाली परिसर में स्थित पुराने महिला थाने के कमरों में कुछ पुलिसकर्मियों के मौजूद होने की बात कही गई है। इनमें हवलदार विनय सिंह जाटव, कोतवाली के चालक शरद यादव और दो अन्य आरक्षकों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मी शराब के नशे में ताश खेल रहे थे। इसी बीच ताश खेलने के दौरान कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान शरद यादव के साथ मारपीट की गई। इसके बाद गुस्से में आकर उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली चला दी। हालांकि, गोली किसी व्यक्ति को नहीं लगी और किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई। घटना के बाद विनय सिंह जाटव समेत कुछ पुलिसकर्मियों के कोतवाली परिसर से चले जाने की बात कही गई है। यह भी दावा किया गया कि शरद यादव उन्हें तलाश करते हुए माधव चौक तक पहुंचे थे। इन विवरणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले को लेकर विनय सिंह जाटव से संपर्क किए जाने पर उन्होंने ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए इसे अफवाह बताया। इस विरोधाभास के कारण घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है। थाने के पुराने महिला थाना क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फुटेज की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित समय पर परिसर में क्या हुआ था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फुटेज और निलंबन आदेश सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
घटनाक्रम के दौरान टीआई रोहित दुबे की ड्यूटी माधव चौक पर बताई गई थी। आरोप है कि वह करीब दो घंटे तक निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद शिवपुरी की पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया सिटी कोतवाली पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद थाना प्रभारी को लाइन अटैच करने और सात पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की कार्रवाई की गई। विभागीय कार्रवाई का विस्तृत आधार और आरोपों की अंतिम स्थिति उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट नहीं है।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक प्रवीण त्रिवेदी के अलावा गजेंद्र परिहार, देवेंद्र रावत, जितेंद्र रायपुरिया, विनय जाटव, शरद यादव और अवतार सिंह शामिल हैं। इस प्रकार कुल सात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी रोहित दुबे को लाइन अटैच करने के पीछे स्टाफ पर नियंत्रण रखने में कथित विफलता और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का मामला बताया गया है।
रोहित दुबे का शिवपुरी में कोतवाली प्रभारी के रूप में यह दूसरा कार्यकाल बताया गया है। वह अशोकनगर से स्थानांतरित होकर शिवपुरी आए थे और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर के कार्यकाल में उन्हें सिटी कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले एक जन आंदोलन के दौरान विवाद में आने के बाद उन्हें इस थाने से हटाया गया था। बाद में उन्हें फिर से कोतवाली प्रभारी बनाया गया। अब ताजा घटनाक्रम के बाद उन्हें दोबारा लाइन अटैच किया गया है। मामले में आरोपों की पुष्टि और घटनाक्रम की पूरी स्थिति जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
