October 20, 2026

राम मंदिर के चंदे पर दिग्विजय की पदयात्रा को लेकर हर्षा का बयान, पूछा- पहले मंदिर निर्माण पर उत्साह क्यों नहीं दिखाया

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भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर सवाल उठाए हैं। हर्षा ने दिग्विजय सिंह का सीधे नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ था तब वैसा उत्साह और खुशी दिखाई नहीं दी जैसी अब मंदिर के चंदे को लेकर सवाल उठाने में नजर आ रही है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि चुनाव नजदीक आने पर ही भगवान राम की याद क्यों आ रही है और अब उन्हें इंसाफ दिलाने की बात क्यों की जा रही है।

दशहरे से पहले दिए गए अपने बयान में हर्षा रिछारिया ने कहा कि एक ओर देशभर में विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने की तैयारी कर रहे हैं। हर्षा के मुताबिक इस यात्रा का उद्देश्य राम मंदिर के निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब संबंधित नेता भगवान राम को इंसाफ दिलाने का संकल्प लेकर यात्रा पर निकल रहे हैं।

हर्षा ने राम मंदिर निर्माण से जुड़ी लंबी कानूनी लड़ाई का जिक्र करते हुए विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के फैसले के समय विरोध किया गया था और अतीत में भगवान राम के अस्तित्व तथा रामसेतु को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। हर्षा का कहना है कि जब राम मंदिर का निर्माण हुआ तब वैसी खुशी और उत्साह दिखाई नहीं दिया जैसा अब मंदिर के चंदे से जुड़े आरोपों को लेकर दिखाया जा रहा है। हालांकि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े राजनीतिक विवादों पर अलग-अलग दलों और नेताओं के अपने-अपने विचार रहे हैं।

अपने बयान में हर्षा ने यात्रा के समय और उसके पीछे की मंशा को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि राम मंदिर बनने के बाद अब अचानक भगवान राम की शरण में जाने की जरूरत क्यों महसूस हो रही है। उन्होंने चुनाव नजदीक होने या किसी व्यक्ति को पद दिलाने जैसी संभावनाओं का उल्लेख करते हुए यात्रा के उद्देश्य पर सवाल उठाया। ये हर्षा के राजनीतिक आरोप और उनकी व्यक्तिगत व्याख्या हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा निकालने वाले की मंशा पूरी होगी या नहीं यह उन्हें नहीं पता लेकिन देश के लिए जो उचित होगा वही होना चाहिए।

बयान के आखिर में हर्षा रिछारिया ने दिग्विजय सिंह को यात्रा के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि प्रयास करना चाहिए और अंत में हर व्यक्ति राम की शरण में जाता है। उनके इस बयान के बाद दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है।

दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से अयोध्या तक करीब 950 से 1000 किलोमीटर की पदयात्रा का ऐलान किया है। यात्रा का उद्देश्य राम मंदिर के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को उठाना बताया गया है। प्रस्तावित यात्रा में विभिन्न स्थानों पर लोगों और सामाजिक संगठनों के जुड़ने की संभावना है। हर्षा रिछारिया के बयान ने इस यात्रा को लेकर राजनीतिक बहस को एक नया मोड़ दिया है। अब इस मुद्दे पर संबंधित नेताओं की प्रतिक्रियाओं और यात्रा के दौरान उठाए जाने वाले सवालों पर नजर रहेगी।

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