June 22, 2026

छठी का जश्न बना मातम, देवर की गोली से भाभी की मौत; शव छिपाने की कोशिश नाकाम

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मध्य प्रदेश । ग्वालियर में एक छठी समारोह उस समय मातम में बदल गया जब हर्ष फायरिंग के दौरान चली गोली से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना रविवार (31 मई) को थाटीपुर क्षेत्र के नदीपार टाल स्थित तृप्ति नगर में हुई, जहां एक परिवार में नवजात बच्चे के जन्म के छठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। लेकिन खुशी का यह माहौल कुछ ही पलों में त्रासदी में बदल गया।

जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान परिवार का छोटा भाई योगेश कुशवाह अवैध कट्टे से हर्ष फायरिंग की तैयारी कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह बार-बार हथियार को लोड और अनलोड कर रहा था, इसी दौरान अचानक ट्रिगर दब गया और गोली पास बैठी बच्चे की मां जाह्नवी उर्फ ज्योति कुशवाह (32) के सिर में जा लगी। गोली लगते ही महिला जमीन पर गिर पड़ी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना देने के बजाय घटना को छिपाने का प्रयास किया। पति मनोज कुशवाह और देवर योगेश ने मिलकर महिला के शव को एक बड़े डीप फ्रीजर में रख दिया ताकि शव खराब न हो और अंतिम संस्कार बिना किसी को बताए किया जा सके।

परिजनों ने आसपास के लोगों को यह बताया कि महिला की मौत बीमारी से हुई है, ताकि किसी को शक न हो। रात करीब 11 बजे दोनों आरोपी शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान एक पड़ोसी को उनकी गतिविधियों पर संदेह हो गया। उसने देखा कि घर में डीप फ्रीजर मंगवाया गया है और देर रात अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है, जिससे उसे शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी।

सूचना मिलते ही थाटीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही आरोपी पति मनोज और देवर योगेश मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घर से शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया।

पुलिस ने मामले में अवैध हथियार की भी तलाश शुरू कर दी है और यह जांच की जा रही है कि कट्टा कहां से लाया गया था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह घटना पूरी तरह लापरवाही और अवैध हथियार के उपयोग का परिणाम है।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। शव को छिपाने और बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश को भी गंभीर अपराध माना जा रहा है।

यह घटना एक बार फिर हर्ष फायरिंग की खतरनाक परंपरा और अवैध हथियारों के उपयोग पर सवाल खड़े करती है, जिसने एक खुशहाल परिवार को गहरे शोक में बदल दिया।

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