June 27, 2026

इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद

0
untitled-1782548221

इंदौर । इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की एक कोशिश ने जाली करेंसी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। एक युवक रेस्टोरेंट में नकली नोट देकर भुगतान करने पहुंचा था लेकिन संचालक की सतर्कता के कारण उसकी चालाकी सफल नहीं हो सकी। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा था।

गांधी नगर थाना पुलिस के अनुसार 25 जून को राजनगर स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर संचालक यशवंत यादव मौजूद थे। इसी दौरान दीपक नाम का युवक वहां पहुंचा और भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट दिया। नोट को देखते ही संचालक को उस पर शक हुआ। उन्होंने कर्मचारियों की मदद से युवक को वहीं रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

पुलिस पूछताछ में दीपक ने अपने साथी संजय का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संजय और उसके साथी रवि को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने नकली नोट बाजार में चलाए हैं और इनके संपर्क में कौन कौन लोग थे।

जांच में सामने आया कि दीपक और संजय पहले एक शराब दुकान पर सेल्समैन के रूप में साथ काम करते थे। वहीं दोनों की पहचान हुई थी। इसी दौरान संजय ने दीपक को बताया था कि उसका एक परिचित बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले नकली नोट तैयार करता है। कुछ समय बाद दीपक ने नौकरी छोड़ दी और ट्रक ड्राइवर बन गया जबकि संजय इंदौर आ गया। बाद में दोनों के बीच फिर संपर्क हुआ और नकली नोटों के कारोबार की योजना बनाई गई।

पुलिस के अनुसार दोनों के बीच ऐसा सौदा तय हुआ था जिसमें एक हजार रुपये देने पर चार हजार रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराए जाते थे। दीपक पहली बार ही नकली नोट लेकर उन्हें बाजार में चलाने निकला था लेकिन रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता के कारण वह पकड़ा गया और पूरा मामला सामने आ गया।

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी संजय के खिलाफ पहले से ही एसटीएफ में नकली नोटों से जुड़े दो मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और नकली नोट तैयार करने का सामान कहां से लाया जाता था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को इस नेटवर्क के जरिए जाली करेंसी उपलब्ध कराई गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *