भोपाल में बिजली के पोल से करंट लगने पर भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत, महिला भी झुलसी
प्रत्यक्षदर्शी हेड कॉन्स्टेबल जगदीश दांगी के मुताबिक, दिव्यऋषि सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए डिवाइडर पर चढ़े थे। सड़क पार करते समय उन्होंने सहारा लेने के लिए किनारे लगे बिजली के पोल को एक हाथ से पकड़ लिया। इसी दौरान पोल में करंट होने के कारण उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा।
बताया गया कि दिव्यऋषि दूसरे हाथ से दीवार पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। बिजली का झटका लगते ही वह मौके पर गिर पड़े। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने दोनों को संभालने और मदद पहुंचाने की कोशिश की।
हादसे के समय मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने दिव्यऋषि को बचाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए। उन्हें सीपीआर दिया गया, ताकि उनकी जान बचाई जा सके। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद एमपी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दिव्यऋषि की मौत के संबंध में मर्ग कायम किया है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए बिजली के पोल, उससे जुड़े बिजली कनेक्शन और आसपास चल रहे निर्माण कार्य की स्थिति की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित पोल मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के दौरान लगाया गया था। पोल के पास बिजली का तार खुला होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पोल में करंट किस वजह से पहुंचा और वहां बिजली के तार खुले होने की स्थिति क्यों बनी हुई थी।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान लगाए गए पोल और उससे जुड़े बिजली के कनेक्शन की स्थिति क्या थी। फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। दुर्घटना में घायल महिला की स्थिति के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
इस घटना में भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की जान चली गई। सड़क पार करने के लिए पोल का सहारा लेने के दौरान हुए इस हादसे ने बिजली के पोल में करंट आने और खुले तारों से जुड़े सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के लिए किन परिस्थितियों की भूमिका रही।
