शिप्रा आरती में विवाद ने लिया हिंसक रूप, पूजन सामग्री बेचने को लेकर पुजारियों और महिलाओं के बीच हाथापाई, वायरल वीडियो जांच के दायरे में
जानकारी के अनुसार घटना रविवार शाम उस समय हुई जब रामघाट पर प्रतिदिन की तरह शिप्रा आरती संपन्न हो रही थी। आरती समाप्त होने के बाद दीपक और अन्य पूजन सामग्री बेचने को लेकर महिलाओं और पुजारियों के बीच कहासुनी शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होने लगी। घटनास्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
महिला पक्ष का आरोप है कि आरती के दौरान उन्हें पूजन सामग्री बेचने से रोका गया, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। शिकायत में कहा गया है कि बहस के दौरान कथित रूप से गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर पीतल की आरती से हमला किया गया। बीच-बचाव करने पहुंची अन्य महिलाओं के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना में कुछ महिलाओं को सिर और चेहरे पर चोटें आईं, जिनका उपचार कराया गया।
दूसरी ओर पुजारी पक्ष ने भी महिलाओं पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरती के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से महिलाओं को पूजन सामग्री बेचने से रोका गया था। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और महिलाओं ने कथित रूप से उनके साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट की। पुजारियों का दावा है कि धक्का-मुक्की के दौरान उनके हाथ में मौजूद जलती हुई आरती उन्हीं पर गिर गई, जिससे उन्हें चोटें आईं।
पुलिस के अनुसार इस झड़प में दोनों पक्षों के तीन से चार लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। किसी भी घायल की स्थिति गंभीर नहीं बताई गई है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा, हालांकि स्थिति अब सामान्य है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही है। वीडियो में कुछ लोग पीतल की आरती और अन्य सामान फेंकते हुए भी नजर आ रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम का मिलान अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से किया जा रहा है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके।
महाकाल थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने धार्मिक स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के विवाद से बचने की अपील भी की है।
