दिनेश मकवाना आत्महत्या केस में CBI की एंट्री: परिवार से 3 घंटे पूछताछ, दस्तावेजों की जांच शुरू
क्या है पूरा मामला?
शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने नवंबर 2025 में कथित रूप से जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। बाद में सामने आए एक वीडियो में उन्होंने आबकारी विभाग की तत्कालीन उपायुक्त मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत मांगने और आर्थिक दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो सार्वजनिक होने के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था।
परिवार से तीन घंटे तक पूछताछ
सूत्रों के अनुसार सीबीआई की छह सदस्यीय टीम ने करीब तीन घंटे तक परिवार के अलग-अलग सदस्यों से बातचीत की। अधिकारियों ने दिनेश मकवाना के कमरे का निरीक्षण किया और परिजनों से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। जांच के दौरान यह भी समझने की कोशिश की गई कि आत्महत्या से पहले दिनेश किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और उन्होंने किन लोगों से अपनी परेशानियां साझा की थीं।
पुलिस जां च और शिकायतों पर भी सवाल
सीबीआई अधिकारियों ने परिवार से यह भी पूछा कि यदि दिनेश पर कथित दबाव था, तो उन्होंने उच्च अधिकारियों या अन्य सरकारी संस्थाओं के पास औपचारिक शिकायत क्यों नहीं की। इसके अलावा स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच, दर्ज बयानों और कार्रवाई के बारे में भी जानकारी जुटाई गई।
मां की याचिका से खुला CBI जांच का रास्ता
दिनेश की मां संतोष बाई मकवाना ने पुलिस जांच पर असंतोष जताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मई 2026 में सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। इसके बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू की।
दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसी ने व्यापारिक गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बैंक रिकॉर्ड, कारोबारी दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी विस्तृत जांच की जाएगी। साथ ही मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
दिनेश मकवाना आत्महत्या मामले में सीबीआई की जांच शुरू होने के बाद अब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि मामले में किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
