July 4, 2026

देवास से जैश मॉड्यूल का संदिग्ध गिरफ्तार, गुजरात ATS का दावा- पाकिस्तान हैंडलर्स से जुड़े थे तार

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देवास । मध्य प्रदेश के देवास से गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कथित मॉड्यूल के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान 18 वर्षीय बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना के रूप में हुई है। गुजरात ATS का दावा है कि वह उस मॉड्यूल का हिस्सा था, जिसके खिलाफ गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त अभियान चलाकर कुल आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया अभी शेष है।

गुरुवार रात गुजरात ATS की टीम देवास के नाहर दरवाजा क्षेत्र स्थित गफूर बस्ती पहुंची। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में टीम ने युवक के घर पर पूछताछ की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अपनी अभिरक्षा में ले लिया। देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोद ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि गुजरात ATS एक संदिग्ध की तलाश में आई थी और नियमानुसार उसे एजेंसी को सौंप दिया गया।

गुजरात ATS के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर पता चला था कि कुछ लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा का प्रचार करने और गुजरात में उसका नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद तकनीकी और मानव खुफिया इनपुट के आधार पर गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, पाटन, नवसारी तथा मध्य प्रदेश के देवास सहित विभिन्न स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने कथित तौर पर “दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद” नाम से एक संगठन बनाकर नए लोगों को जोड़ने का प्रयास किया।

जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों के पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर्स अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर से संपर्क के सबूत मिले हैं। ATS के अनुसार, मॉड्यूल को लगभग तीन लाख रुपए की फंडिंग मिली थी, जिससे एक पुरानी कार खरीदी गई। आरोप है कि जैश से जुड़े साहित्य का गुजराती भाषा में अनुवाद कर कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने का प्रयास भी किया जा रहा था।

ATS ने छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, कथित जिहादी दस्तावेज, ऑडियो-वीडियो सामग्री, तस्वीरें, संगठन का झंडा, मसूद अजहर से जुड़ी किताबें, उर्दू में लिखे पत्र और गुजराती में अनूदित साहित्य बरामद करने का दावा किया है। इन आधारों पर सभी आठ आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायालय में होने वाली सुनवाई और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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