कोचिंग सेंटरों में मिली बड़ी लापरवाही: बंद मिले एग्जिट, फायर ऑडिट नहीं; नगर निगम का 2 दिन का अल्टीमेटम
शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने शहर के विद्या कोचिंग, पार्थ कोचिंग और वर्मा कोचिंग क्लासेस का निरीक्षण किया। जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं। कई संस्थानों में फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल ऑडिट नहीं कराया गया था, जबकि आपातकालीन निकासी की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली।
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर लापरवाही आपातकालीन निकासी मार्गों को लेकर सामने आई। कई स्थानों पर एग्जिट के रास्ते बंद पाए गए और उनमें कबाड़ रखा हुआ था। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में यह छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
जांच में यह भी पाया गया कि कुछ कोचिंग संस्थानों में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए थे। इसके अलावा भवन की क्षमता और विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में अग्निशमन उपकरण भी पर्याप्त नहीं थे।
विद्या कोचिंग के संचालक ने अधिकारियों को बताया कि संस्थान में अभी कक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं और जल्द ही एग्जिट व्यवस्था, फायर सेफ्टी सहित सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा कर लिया जाएगा।
वहीं पार्थ कोचिंग में केवल एक निकासी मार्ग चालू मिला, जबकि दो अन्य रास्ते बंद थे और उनमें कबाड़ रखा हुआ था। यहां फायर और इलेक्ट्रिकल ऑडिट भी नहीं कराया गया था। नगर निगम की टीम ने तत्काल सुधार करने, बंद एग्जिट खोलने और अग्निशमन उपकरणों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
नगर निगम ने सभी कोचिंग संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर सभी सुरक्षा संबंधी कमियां दूर की जाएं। यदि निर्धारित समय में आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ सीलिंग सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के फायर अधिकारी जितेंद्र सिसोदिया, प्रतीक शर्मा, उमेश चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
