रजिस्ट्री की मांग लेकर पहुंचे लोग, तनाव में बिगड़ी महिला की तबीयत
महिला की पहचान विद्या शर्मा के रूप में हुई है। मौके पर मौजूद अन्य महिलाओं ने तुरंत उन्हें संभाला, चेहरे पर पानी के छींटे मारे और हवा देकर होश में लाने का प्रयास किया। कुछ ही देर में महिला को होश आ गया।
“टेंशन में खाना नहीं खाया” – भावुक हुई महिला
होश में आने के बाद विद्या शर्मा भावुक हो गईं और रोते हुए कहा कि मकान के विवाद के तनाव में उन्होंने सुबह से कुछ नहीं खाया था। उन्होंने कहा, “अगर मेरी मौत हो जाए तो मेरा शव कंपनी में ले जाना।” उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
रजिस्ट्री की मांग को लेकर लंबे समय से विवाद
दरअसल, एलआईजी श्रमिक कॉलोनी के रहवासी गजरा गियर्स लिमिटेड की हायर परचेज स्कीम के तहत दिए गए मकानों की रजिस्ट्री की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सेवा अवधि पूरी करने वाले कर्मचारियों को मकान दिए गए थे और तय शर्तों के अनुसार 15 वर्षों तक वेतन से राशि काटकर भुगतान किया गया था। रहवासियों का आरोप है कि कई कर्मचारियों ने 15 वर्ष से अधिक सेवा दी, इसके बावजूद अब तक उनके नाम पर मकानों की रजिस्ट्री नहीं की गई है। साथ ही, मकानों से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप
रहवासियों का कहना है कि पहले मकानों के बदले राशि काटी गई, लेकिन वह हाउसिंग बोर्ड में जमा नहीं कराई गई। अब कंपनी का कहना है कि ये मकान केवल सेवा अवधि तक रहने के लिए दिए गए थे और उन्हें खाली करना होगा। इस स्थिति ने रहवासियों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।
कलेक्टर ने दिया आश्वासन
मामले को लेकर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने रहवासियों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन ने मामले की जांच और समाधान की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
दस्तावेजों और रजिस्ट्री की मांग पर अड़ा मामला
रहवासियों ने ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उन्हें मकानों के वैध दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं और उनके नाम पर रजिस्ट्री तत्काल की जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हो सके।
