भाजपा में टिकट बदलने की परंपरा नहीं दतिया विवाद पर बोले कैलाश विजयवर्गीय नरोत्तम मिश्रा करेंगे संगठन का सम्मान
इंदौर में मीडिया से चर्चा करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक संगठन है जहां प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का अधिकार है। किसी भी चुनाव में टिकट वितरण के बाद कुछ कार्यकर्ताओं की नाराजगी स्वाभाविक होती है लेकिन संगठन का निर्णय सभी के लिए सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि पार्टी हर फैसला लंबी चर्चा विचार विमर्श और तय प्रक्रिया के बाद करती है इसलिए घोषित प्रत्याशी को बदलने का कोई सवाल नहीं उठता।
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की नाराजगी पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा भाजपा के वरिष्ठ और समर्पित नेता हैं। उन्होंने हमेशा संगठन की मर्यादा का पालन किया है और इस बार भी पार्टी के निर्णय का सम्मान करेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं नरोत्तम मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। इसके बावजूद उन्हें पूरा विश्वास है कि संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद के जरिए सभी मतभेद समाप्त हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर हजारों कार्यकर्ता चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं लेकिन टिकट केवल एक व्यक्ति को मिलता है। ऐसे में सभी को अवसर मिलना संभव नहीं होता। संगठन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही उम्मीदवार तय करता है और कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे पार्टी के फैसले के साथ खड़े रहें। विजयवर्गीय ने कहा कि आशुतोष तिवारी लंबे समय तक संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और वे मजबूत संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले कार्यकर्ता हैं इसलिए उन्हें चुनाव में व्यापक समर्थन मिलेगा।
इस दौरान विजयवर्गीय ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई से जुड़े पुराने ड्रग्स मामले पर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने घर की परिस्थितियों पर भी नजर डालनी चाहिए। उनके अनुसार जब स्वयं परिवार के सदस्य अपनी पुरानी गलतियों को स्वीकार कर चुके हैं तब इस विषय पर अधिक टिप्पणी की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने जीतू पटवारी की प्रस्तावित साइकिल यात्रा को लेकर भी तंज कसते हुए कहा कि केवल यात्राएं निकालने से राजनीतिक माहौल नहीं बदलता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इससे पहले कांग्रेस के बड़े नेताओं की यात्राओं का भी अपेक्षित राजनीतिक असर दिखाई नहीं दिया था इसलिए केवल यात्रा के भरोसे जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता।
दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा के भीतर उठे असंतोष के बीच कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान संगठन का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि पार्टी अपने घोषित उम्मीदवार के साथ मजबूती से खड़ी है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि संगठन नाराज कार्यकर्ताओं को किस तरह साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरता है और उपचुनाव का परिणाम किस दिशा में जाता है।
