डीजल और महंगाई ने बढ़ाई मुश्किलें, बस मालिकों की सरकार से दो टूक
आज होगी महत्वपूर्ण बैठक
बस संचालकों के प्रतिनिधि आज परिवहन मंत्री Rao Uday Pratap Singh से भोपाल में मुलाकात करेंगे। इस बैठक में किराया वृद्धि को लेकर चर्चा होगी। बस मालिकों का कहना है कि यदि सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो हड़ताल का ऐलान किया जा सकता है।
तीन साल से नहीं बढ़ा किराया
बस ऑपरेटरों के अनुसार, प्रदेश में आखिरी बार अप्रैल 2021 में बस किराए में संशोधन किया गया था। तब से डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन लागत में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन किराया लगभग स्थिर बना हुआ है।
संचालकों का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में:
डीजल की कीमतों में कई बार वृद्धि हुई है।
टायर और ऑटो पार्ट्स महंगे हुए हैं।
नई यूरो-6 बसों की कीमतें बढ़ी हैं।
रखरखाव और बीमा खर्च में भी इजाफा हुआ है।
क्या है बस मालिकों की मांग?
Madhya Pradesh Bus Owner Association के पदाधिकारियों का कहना है कि न्यूनतम किराया 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया जाए और अन्य श्रेणियों के किराए में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी की जाए। उनका तर्क है कि मौजूदा किराए पर बस संचालन आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं रह गया है और लगातार घाटा उठाना पड़ रहा है।
हड़ताल की चेतावनी
एसोसिएशन के महामंत्री Jaykumar Jain ने कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर किराया नहीं बढ़ाया गया तो बस संचालक किसी भी समय हड़ताल पर जा सकते हैं। उनका कहना है कि यह केवल आंदोलन नहीं बल्कि बढ़ते घाटे की वजह से उत्पन्न मजबूरी है।
यात्रियों पर पड़ सकता है असर
यदि बस मालिक हड़ताल पर जाते हैं तो इसका सीधा असर लाखों यात्रियों पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो रोजाना बसों से आवागमन करते हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल सभी की निगाहें आज होने वाली बैठक पर टिकी हैं। इसी बैठक के बाद यह तय होगा कि किराया बढ़ाने पर सहमति बनती है या प्रदेश बस परिवहन व्यवस्था हड़ताल की ओर बढ़ती है।
